Bhagalpur Munger Ganga Path : भागलपुर और मुंगेर के बीच प्रस्तावित 83.189 किलोमीटर लंबे गंगा पथ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है. जल संसाधन विभाग ने बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) को शर्तों के साथ अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है. इसके साथ ही परियोजना के लिए गंगा के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने, कटाव से सुरक्षा और बाढ़ स्तर से सड़क की ऊंचाई तय करने जैसी शर्तें भी स्पष्ट कर दी गई हैं.
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प्रस्तावित चार लेन का गंगा पथ भागलपुर, सुल्तानगंज, सबौर और मुंगेर के बीच सड़क संपर्क बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाया जाना है. हालांकि, एनओसी जारी करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने का अर्थ यह नहीं है कि निर्माण कार्य शुरू हो गया है. परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए निर्धारित शर्तों के अनुरूप योजना तैयार करना और संबंधित प्रक्रियाएं पूरी करना जरूरी होगा.
गंगा का प्राकृतिक प्रवाह रोकने पर रोक
जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गंगा पथ के निर्माण के दौरान नदी की धारा किसी भी परिस्थिति में अवरुद्ध नहीं होनी चाहिए. निर्माण की योजना इस तरह तैयार करनी होगी कि गंगा के प्राकृतिक प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.
इसके अलावा नदी किनारे सड़क और आसपास के क्षेत्रों को कटाव से बचाने के लिए जरूरी सुरक्षात्मक उपाय करने होंगे. विभाग की शर्तों में नदी की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है.
ट्रिपल आइटी और ममलखा में कटाव से बचाव जरूरी
भागलपुर में ट्रिपल आइटी के सामने और ममलखा गांव के पास कटाव की आशंका को देखते हुए विशेष सुरक्षा उपाय करने होंगे. संयुक्त निरीक्षण के आधार पर दूसरे हिस्से के कुछ स्थानों पर एट-ग्रेड सड़क के बजाय एलिवेटेड सड़क बनाने के प्रस्ताव को भी अंतिम योजना में शामिल करने का निर्देश दिया गया है.
उच्चतम बाढ़ स्तर से 1.80 मीटर ऊपर बनेगी सड़क
जल संसाधन विभाग की एक प्रमुख शर्त के अनुसार, गंगा पथ का सड़क तल नदी के उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से 1.80 मीटर ऊपर रखना होगा. निर्माण के दौरान कटाव से सुरक्षा के उपायों को भी प्रभावी ढंग से लागू करना अनिवार्य होगा.
दो हिस्सों में प्रस्तावित है 83.189 किमी का गंगा पथ
परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम) के तहत दो हिस्सों में प्रस्तावित है.
पहला हिस्सा सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर सड़क को जोड़ेगा. इसकी लंबाई 41.258 किलोमीटर होगी. इसमें 30.698 किलोमीटर एट-ग्रेड और 10.56 किलोमीटर एलिवेटेड सड़क के साथ रैंप, सर्विस रोड और कनेक्टिंग रोड भी प्रस्तावित हैं.
दूसरा हिस्सा मुंगेर के सफियाबाद से बरियारपुर और घोरघट होते हुए सुल्तानगंज सड़क को जोड़ेगा. इसकी लंबाई 41.931 किलोमीटर होगी. इसमें 30.051 किलोमीटर एट-ग्रेड और 11.88 किलोमीटर एलिवेटेड सड़क बनाने की योजना है. इस हिस्से में कनेक्टिंग रोड भी प्रस्तावित है.
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एनओसी की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया अहम
शर्तों के साथ एनओसी जारी करने की सैद्धांतिक मंजूरी से परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है. अब अंतिम योजना में जल संसाधन विभाग की शर्तों को शामिल करना होगा. भागलपुर से मुंगेर तक गंगा किनारे बेहतर सड़क संपर्क की उम्मीद इस परियोजना से जुड़ी है, लेकिन निर्माण की शुरुआत और पूरा होने की समयसीमा के संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.
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