Bhagalpur Flood Relief 2026 : बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत और किसानों को फसल क्षति का मुआवजा देने में भागलपुर जिला पूरे बिहार में पहले स्थान पर रहा है. जिले के 1,65,819 परिवारों को सात-सात हजार रुपये की दर से जीआर राशि दी गई है, जबकि 74,399 किसानों के खाते में 27 करोड़ 37 लाख 8 हजार 364 रुपये कृषि इनपुट अनुदान के रूप में भेजे गए हैं. शुक्रवार को समीक्षा भवन में प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान, राहत-बचाव, कटाव और पुनर्वास की स्थिति की समीक्षा की गई.
इसे भी पढ़ें-वोट चोरी के आरोपों से घिरी सरकार पर कांग्रेस का हमला, कुमार जयमंगल ने उठाए सवाल
15 अंचलों के 457 गांवों में पहुंचाई गई राहत
इस वर्ष जिले के 15 अंचलों की 114 पंचायतों के 457 गांव और 906 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए. कुल 9,44,891 की आबादी पर बाढ़ का असर पड़ा. राहत के लिए 129 नावें चलाई गईं और 29,119 पॉलिथीन शीट बांटी गईं. जिले में 342 सामुदायिक रसोई के माध्यम से 69,74,491 बार भोजन कराया गया. 115 स्वास्थ्य शिविरों से 80,334 परिवारों को सुविधा मिली. बाढ़ से 74,401 फसल इकाइयां प्रभावित हुईं तथा पशुपालकों को 1,258.77 क्विंटल पशुचारा दिया गया.
Bhagalpur Flood Relief 2026 : राहत शिविरों में 9003 लोगों को मिला आश्रय
भागलपुर सदर में सात राहत शिविरों में 2,251 परिवारों के 9,003 लोगों को ठहराया गया. यहां शौचालय, स्नानघर, पेयजल, टैंकर, बर्तन और वस्त्र किट की व्यवस्था की गई. शिविरों में 2,33,859 लोगों ने भोजन किया. चार वर्ष तक के बच्चों के लिए 1,857 लीटर दूध और 8,729 पैकेट बिस्कुट बांटे गए. शिविरों में जन्मे दो लड़कों और एक लड़की के परिवारों को मुख्यमंत्री सहायता के तहत कुल 35 हजार रुपये दिए गए. नगर निगम क्षेत्र में वर्ष 2016 के बाद पहली बार वार्ड 3, 4, 19 और 21 में चार सामुदायिक रसोई शुरू हुईं. यहां 6,290 बार भोजन कराया गया.
कटाव में 12 मकान गंगा में समाए, 65 डिसमिल जमीन से होगा पुनर्वास
गंगा कटाव में 10 पक्के और दो कच्चे मकान नदी में विलीन हो गए. सभी 12 परिवार भूमिहीन हैं. इनके पुनर्वास के लिए 65 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. विस्थापितों के लिए 10 से 25 अक्टूबर तक सामुदायिक रसोई चलाकर 46,940 लोगों को भोजन कराया गया.
501 आपदा मित्र तैनात, दो मोटर बोट खराब
बचाव कार्य के लिए पांच टीमें, 15 मोटर बोट और 51 जवान तैनात किए गए. इसके अलावा तीन डीप डाइवर, 261 गोताखोर, 501 आपदा मित्र और 500 लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं. दो मोटर बोट खराब हैं. कुल 48,377 पॉलिथीन शीट में से 30,576 बांटी गईं और 17,801 स्टॉक में हैं.
लापता दो लोगों के आश्रितों को आठ लाख रुपये
26 अगस्त को गंगा में हुई दुर्घटना में बादल कुमार और सिकंदर मंडल लापता हो गए थे. एनडीआरएफ ने चार दिनों तक तलाश की, लेकिन शव नहीं मिले. समाचार पत्र में सूचना और एक माह की प्रतीक्षा अवधि के बाद कार्यपालक दंडाधिकारी की जांच के आधार पर सात अक्टूबर को दोनों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये दिए गए. जीआर के पहले चरण में 1,39,266 और दूसरे चरण में 26,553 परिवारों को भुगतान किया गया. नगर निगम क्षेत्र के 1,150 परिवार भी लाभान्वित हुए.
10 सड़कों की मरम्मत पूरी, तटबंधों की होगी मैपिंग
बाढ़ से क्षतिग्रस्त 1,883 मीटर लंबी 10 सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है. प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और क्लोरीन टैबलेट का वितरण जारी है. प्रभारी मंत्री ने संबंधित वेंडरों और एजेंसियों का लंबित भुगतान समय पर करने का निर्देश दिया. भविष्य में बाढ़ और कटाव से नुकसान रोकने के लिए स्थायी तटबंधों की मैपिंग, तटबंधों का विस्तृत अध्ययन और जल संसाधन विभाग के अभिलेखों में छूटे बांधों को शामिल करने को कहा. सभी विभागों को समन्वय बनाकर दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने तथा राहत, अनुदान भुगतान और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास में तेजी लाने का निर्देश दिया गया.
इसे भी पढ़ें-












