Drug-Free Bihar Campaign : बिहार को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर भागलपुर के सबौर हाई स्कूल परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. नशामुक्त बिहार अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मद्यनिषेध विभाग के कई पदाधिकारी मौजूद रहे. विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए खुद नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली.
Drug-Free Bihar Campaign : नशे के दुष्परिणामों से विद्यार्थियों को कराया गया अवगत
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2029 तक पूरे बिहार को पूर्ण रूप से नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के प्रति लोगों को जागरूक करना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान के अनुरूप इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में सबौर हाई स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई.
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नशे की लत से परिवार और समाज पर भी पड़ता है असर
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर भी पड़ता है. नशे की लत के कारण आर्थिक संकट, पारिवारिक विवाद और कई तरह की सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं. ऐसे में नशे से दूर रहना और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना जरूरी है.
नशामुक्त बिहार बनाने में भागीदारी का संकल्प
विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे. साथ ही अपने परिवार, आसपास के लोगों और समाज को भी नशामुक्त बिहार बनाने के लिए प्रेरित करेंगे. मद्यनिषेध विभाग की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाना और नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी को मजबूत करना है.




