भागलपुर में AI यूनिवर्सिटी समेत 10 बड़े फैसलों पर मुहर, साइबर अपराध और पेपर लीक पर भी सरकार सख्त

Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से लेकर वनरक्षी भर्ती में अग्निवीरों को आरक्षण, आंगनबाड़ी पोषण योजना, विशेष यूनिफॉर्म, जेल कानून और साइबर अपराध पर सख्ती जैसे कई बड़े फैसले लिए गए.

भागलपुर में खुलेगा AI और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय

कैबिनेट ने भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी. यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंप्यूटर साइंस और नई तकनीकों से जुड़े विषयों में उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा.

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मुजफ्फरपुर में बनेगा वास्तुकला एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय

मुजफ्फरपुर के एमआईटी कैंपस में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए बिहार विधानसभा में विधेयक लाने को भी मंजूरी मिल गई. इस विश्वविद्यालय में वास्तुकला, सिविल इंजीनियरिंग, रिसर्च, इनोवेशन और बहुविषयक शिक्षा पर विशेष फोकस रहेगा.

इसके साथ ही राज्य में विषय आधारित उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है. कैबिनेट ने बिहार विशेष विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी, जिसके तहत अलग-अलग विषयों पर विशेष विश्वविद्यालय खोले जा सकेंगे.

बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय कानून में संशोधन

कैबिनेट ने बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी. संशोधन के तहत कुलपति के कार्यकाल सहित विश्वविद्यालय के प्रशासनिक प्रावधानों में कई बदलाव किए जाएंगे.

आंगनबाड़ी पोषण योजना 2.0 को मंजूरी

समाज कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर सक्षम आंगनबाड़ी पोषण 2.0 योजना को मंजूरी दी गई. इसके तहत छह महीने से तीन वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और कुपोषित बच्चों को रेडी-टू-ईट पूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा.

542 आदर्श विद्यालयों के छात्रों को मिलेगी विशेष यूनिफॉर्म

राज्य के 542 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) में कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले छात्रों को विशेष यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी. इस योजना पर हर वर्ष लगभग 221 करोड़ रुपये खर्च होंगे. प्रति छात्र 6 हजार रुपये की लागत से पोशाक, बेल्ट, जूते, मोजे, हाफ स्वेटर, टोपी, बंडी, ब्लेजर और बैग जीविका के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे.

वनरक्षी भर्ती में अग्निवीरों को मिलेगा 20% आरक्षण

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रस्ताव पर बिहार अवर वन सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई. इसके बाद पूर्व सैनिकों यानी अग्निवीरों को वनरक्षी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा.

चिकित्सा पदाधिकारियों के 26 नए पद सृजित होंगे

स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग से जुड़े न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के लिए चिकित्सा पदाधिकारियों के 26 सुपरन्यूमेरेरी पद सृजित करने की मंजूरी भी कैबिनेट ने दे दी.

जेल कानून और अपराध नियंत्रण कानून में बड़े बदलाव

कैबिनेट ने बिहार कारा एवं सुधारात्मक सेवा विधेयक, 2026 और बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी. नए जेल कानून में आधुनिक सुधारात्मक सेवाओं को शामिल किया गया है. वहीं अपराध नियंत्रण कानून में साइबर अपराध, डिजिटल तकनीक और बदलते अपराध के तरीकों को ध्यान में रखते हुए संशोधन किए गए हैं.

सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी और पेपर लीक पर होगी सख्ती

बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत इंटरनेट मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा का प्रयोग या किसी व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वालों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों में छह महीने से एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है.

सरकार ने परीक्षा पेपर लीक को भी इस संशोधन के दायरे में शामिल किया है. पेपर लीक के मामलों में भी छह महीने से एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया जा रहा है, ताकि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके.

सरकार का कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, आर्थिक गतिविधियों, विज्ञान एवं तकनीक के विस्तार और डिजिटल सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता के कारण अपराध का स्वरूप बदल रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए कानूनों में संशोधन किए जा रहे हैं, ताकि साइबर अपराध, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध और अन्य नए अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

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दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट मार्च के दौरान हिंसा, 50 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल

CJP Protest March: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान सोमवार को प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प में 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए. सभी घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना के बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने का दावा किया है.

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दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हिंसा में पुलिस और पैरामिलिट्री बल के जवान भी घायल हुए हैं. घायलों में आईपीएस और DANIPS अधिकारियों समेत करीब 10 अधिकारी शामिल हैं. पुलिस ने मामले में कई एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अलग-अलग स्थानों से कई प्रदर्शनकारियों और हिंसा में शामिल लोगों को हिरासत में लिया गया है. इसके अलावा वीडियो फुटेज की जांच कर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है, ताकि उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सके.

बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद बढ़ा टकराव

पुलिस के अनुसार, सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे. इसी दौरान कथित तौर पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की गई. इसके बाद संसद मार्ग के पास सुरक्षाबलों ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.

हालांकि पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे. इस मार्च में दिल्ली के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में छात्र और आम लोग शामिल हुए. कई प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें पहले से ही पुलिस कार्रवाई की आशंका थी, लेकिन वे विरोध प्रदर्शन जारी रखने के इरादे से पहुंचे थे.

पथराव और आगजनी से बिगड़ा माहौल

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस पर पत्थरबाजी करने का आरोप है. वहीं कई स्थानों पर पुलिस के वाहनों में आग लगा दी गई, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया. हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

गीतांजलि एग्मो से मारपीट के आरोपों पर आमने-सामने CJP और पुलिस

घटना के बाद CJP ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि एग्मो के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की. पार्टी का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान 12 वर्षीय एक बच्ची समेत 40 से 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए.

वहीं, दिल्ली पुलिस ने गीतांजलि एग्मो के साथ मारपीट या हमला किए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस मामले में भ्रामक जानकारी साझा न करें.

इधर, CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने गीतांजलि एग्मो के बाल खींचे और उनके साथ मारपीट की. हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है.

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यूक्रेन में मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमला, 4 भारतीय क्रू की मौत; भारत ने की कड़ी निंदा

MV Golden Ship Missile Attack : यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे मालवाहक जहाज MV GOLDEN LEO पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 19 जुलाई 2026 की शाम ओडेसा बंदरगाह से निकलते समय MV GOLDEN LEO जहाज पर हमला हुआ. उस समय जहाज पर कुल 17 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे. मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में चार भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है.

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MV Golden Ship Missile Attack : यूक्रेन स्थित भारतीय मिशन रखे हुए है पूरी नजर

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन स्थित भारतीय मिशन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है. मिशन स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है तथा प्रभावित भारतीयों को हर संभव सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

मंत्रालय ने हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है. साथ ही अस्पताल में भर्ती घायल भारतीय के जल्द और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना भी की है.

भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना पूरी तरह गलत और निंदनीय है. सरकार ने कहा कि निर्दोष आम नागरिकों, विशेषकर जहाज के क्रू सदस्यों की जान जोखिम में डालना तथा समुद्री नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है. भारत ने ऐसे हमलों की निंदा करते हुए सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने की अपील की है.

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दिल्ली : छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़के राहुल गांधी, पीएम मोदी को बताया युवा-विरोधी

Rahul Gandhi Slams PM Modi: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर युवाओं और छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग कर रही है. साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई.

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के हितों की अनदेखी कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों के बावजूद सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. राहुल ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी इतने युवा-विरोधी हैं कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते.”

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‘152 पेपर लीक से 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि देशभर में 152 पेपर लीक की घटनाओं से करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, लेकिन अब तक किसी दोषी को सजा नहीं मिली. उन्होंने कहा कि इसके उलट अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्र अपराधी नहीं हैं, बल्कि निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. उनका कहना था कि छात्रों को ऐसी शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए, जो पारदर्शी हो और उनके भविष्य के साथ न्याय करे.

‘लाठीचार्ज लोकतांत्रिक तरीका नहीं’

राहुल गांधी ने छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागने और लाठीचार्ज किए जाने की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को बल प्रयोग से दबाना उचित नहीं है. सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

आरएसएस पर भी साधा निशाना

राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने शिक्षा व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति से युवा निराश हैं और उनकी प्रतिक्रिया स्वाभाविक है. सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए.

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भागलपुर में किसानों को मिल रहे उन्नत बीज, फसल क्षति अनुदान के लिए आवेदन भी शुरू

Bhagalpur News : खरीफ सीजन में किसानों को खेती के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कृषि विभाग सक्रिय है. जिले में एक ओर किसानों के बीच उन्नत किस्म के बीजों का वितरण किया जा रहा है, वहीं प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान की प्रक्रिया भी जारी है.

विभाग के मुताबिक, मक्का, अरहर समेत विभिन्न खरीफ फसलों के प्रमाणित एवं उन्नत बीज किसानों तक लगातार पहुंचाए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य समय पर बुआई सुनिश्चित करना और बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना है.

भागलपुर में कोरोना का दूसरा मरीज मिला, संक्रमित बुजुर्ग की बेटी भी पॉजिटिव

इसके साथ ही फसल क्षति से प्रभावित पात्र किसानों से कृषि इनपुट अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं. विभाग ने किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है, ताकि आवेदनों का सत्यापन कर अनुदान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके.

कृषि विभाग ने कहा है कि बीज वितरण, फसल क्षति अनुदान और अन्य कृषि योजनाओं से जुड़ी जानकारी के लिए किसान अपने प्रखंड कृषि कार्यालय अथवा कृषि समन्वयक से संपर्क करें. विभाग ने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर खरीफ खेती को सफल बनाने का भी आग्रह किया है.

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भागलपुर में कोरोना का दूसरा मरीज मिला, संक्रमित बुजुर्ग की बेटी भी पॉजिटिव

Bhagalpur Corona News: भागलपुर शहर में कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ने लगा है. इशाकचक के 66 वर्षीय बुजुर्ग के कोरोना संक्रमित मिलने के एक दिन बाद उनकी बेटी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है. दोनों को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है. लगातार दूसरे दिन नया मामला मिलने से स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और बढ़ा दी गई है.

पिता के बाद बेटी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बुजुर्ग के संक्रमित पाए जाने के बाद उनके साथ रह रही बेटी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था. सोमवार को आई रिपोर्ट में उसकी भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई. दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है.

भागलपुर में बदले गंगा के तेवर, 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर; जानिए ताजा स्थिति

कांटैक्ट ट्रेसिंग में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम

संक्रमण की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पिता-पुत्री के संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है. टीम संभावित संपर्कों की सूची तैयार कर रही है और जरूरत के अनुसार सभी की कोरोना जांच कराई जाएगी, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.

लक्षण दिखें तो जांच कराने में न करें देरी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण होने पर इसे नजरअंदाज न करें. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उपचार लें.

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भागलपुर में बदले गंगा के तेवर, 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर; जानिए ताजा स्थिति

Bhagalpur Ganga Water Level : भागलपुर में गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है. बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में हलचल बढ़ गई है. फिलहाल नदी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है, लेकिन केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं. ऐसे में गंगा किनारे बसे लोग हालात पर नजर बनाए हुए हैं.

29.33 मीटर पर पहुंचा भागलपुर का जलस्तर

बाढ़ नियंत्रण कक्ष, सिंचाई भवन, पटना की रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर में गंगा का जलस्तर 29.03 मीटर से बढ़कर 29.33 मीटर हो गया है. यहां खतरे का निशान 33.68 मीटर निर्धारित है. यानी वर्तमान जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 4.35 मीटर नीचे है. हालांकि लगातार बढ़ रहा जलस्तर लोगों की चिंता जरूर बढ़ा रहा है.

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कहलगांव में भी बढ़ा पानी

भागलपुर के साथ कहलगांव में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा है. यहां 24 घंटे के दौरान 16 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई. जलस्तर 28.23 मीटर से बढ़कर 28.39 मीटर पर पहुंच गया है. दोनों स्थानों पर जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर प्रशासन नजर रखे हुए है.

बढ़ोतरी जारी रही तो बढ़ सकती है परेशानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है. यदि अगले कुछ दिनों तक नदी का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो लोगों को घरों का सामान समेटकर ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए विवश होना पड़ सकता है. फिलहाल लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

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बारिश का पूर्वानुमान भी बढ़ा रहा चिंता

पिछले 24 घंटे में भागलपुर में औसतन 1.28 मिमी वर्षा दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को 18 मिमी, मंगलवार को 15 मिमी, बुधवार को 9 मिमी, गुरुवार को 30 मिमी और शुक्रवार को 23 मिमी बारिश होने की संभावना है. लगातार बारिश होने पर गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी से इन्कार नहीं किया जा सकता.

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जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के होमगार्ड और आउटसोर्सिंग कर्मियों को जल्द मिलेगा बकाया वेतन

Jamshedpur News: जमशेदपुर में एमजीएम अस्पताल में पिछले कई महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे होमगार्ड जवानों और आउटसोर्सिंग कर्मियों को जल्द राहत मिल सकती है. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने दावा किया है कि इस मुद्दे पर उनकी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से बातचीत हुई है. मंत्री ने बकाया वेतन का भुगतान शीघ्र कराने और अस्पताल में पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है.

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सरयू राय ने बताया कि कुछ दिन पहले वह उस महिला होमगार्ड जवान से मिलने गए थे, जिसने कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी और भुखमरी की स्थिति में फिनाइल पी लिया था. इसके बाद उन्होंने एमजीएम अस्पताल में कार्यरत होमगार्ड जवानों और आउटसोर्सिंग कर्मियों से भी बातचीत की.

पांच महीने से नहीं मिला वेतन

विधायक के अनुसार, अस्पताल के होमगार्ड जवानों और आउटसोर्सिंग कर्मियों ने उन्हें बताया कि पिछले पांच महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है. इस मामले को लेकर उन्होंने लगातार दो दिनों तक एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की.

अधिकारियों ने उन्हें बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मियों को ठेकेदार अपनी ओर से कुछ राशि उपलब्ध करा रहा है, लेकिन होमगार्ड जवानों को पिछले पांच महीनों से एक भी रुपये का भुगतान नहीं हुआ है. इससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का भी आश्वासन

सरयू राय ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि लंबित वेतन का भुगतान जल्द कराया जाएगा. इसके साथ ही एमजीएम अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की बहाली भी सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वास्थ्य मंत्री जल्द अपने आश्वासन को पूरा करेंगे.

नगर निकायों के सफाईकर्मियों की मजदूरी का भी उठाया मुद्दा

सरयू राय ने नगर निकायों में कार्यरत सफाईकर्मियों, ठेका कर्मियों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन भुगतान में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जेएनएसी में ठेकेदार के अधीन काम करने वाले बड़ी संख्या में सफाईकर्मी उनसे मिले और अपनी समस्याएं बताईं.

न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान का आरोप

सफाईकर्मियों ने शिकायत की कि उन्हें राज्य सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से काफी कम भुगतान किया जा रहा है. इतना ही नहीं, निर्धारित संख्या से कम मजदूरों से अधिक काम लिया जा रहा है. साथ ही पीएफ और ईएसआई की राशि के भुगतान में भी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है.

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श्रम विभाग के आंकड़ों का दिया हवाला

सरयू राय ने बताया कि श्रम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मानगो, जमशेदपुर, जुगसलाई और आदित्यपुर के नगर निकायों में अकुशल मजदूरों के लिए अप्रैल माह से प्रतिदिन 515 रुपये और प्रतिमाह 13,385 रुपये न्यूनतम मजदूरी निर्धारित है. इस राशि में से पीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद शेष भुगतान श्रमिकों को मिलना चाहिए, लेकिन सफाईकर्मियों को निर्धारित मजदूरी नहीं मिल रही है.

नगर विकास मंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

विधायक ने नगर विकास मंत्री से मांग की कि नगर निकायों में कार्यरत मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित कराया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी जारी रही तो मजदूरों के हित में उन्हें सीधी कार्रवाई करने के लिए विवश होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अल्प वेतनभोगी श्रमिकों को समय पर न्यूनतम मजदूरी दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है.

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रांची : अब तीन साल से ज्यादा एक जगह नहीं जमे रहेंगे लिपिक, तबादला होगा तय; प्रमोशन के नियम भी बदले

Jharkhand Clerk Transfer Rules: झारखंड सरकार ने सरकारी कार्यालयों में वर्षों से एक ही सीट पर जमे लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है. अब निम्न वर्गीय लिपिक (LDC), उच्च वर्गीय लिपिक (UDC), प्रधान लिपिक (Head Clerk) और कंप्यूटर ऑपरेटरों को किसी एक स्थान पर तीन साल से अधिक तैनात नहीं रखा जाएगा. तीन वर्ष पूरा होते ही उनका स्थानांतरण अनिवार्य होगा. अब तक इस संवर्ग के कई कर्मचारी 10-10 साल से भी अधिक समय से एक ही विभाग और एक ही सीट पर कार्यरत थे. नए नियम लागू होने के बाद ऐसी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी.

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इतना ही नहीं, सरकार ने प्रोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया को भी नई नियमावली के जरिए स्पष्ट कर दिया है. अब प्रमोशन का फैसला नियुक्ति प्राधिकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति करेगी. समिति कर्मचारियों की वरीयता (Seniority) के आधार पर प्रोन्नति की अनुशंसा करेगी.

ऐसे तय होगी कर्मचारियों की सीनियरिटी

नई नियमावली में वरिष्ठता तय करने के मानकों का भी उल्लेख किया गया है. इसके अनुसार सीधी भर्ती (Direct Recruitment) से नियुक्त कर्मचारी, सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से नियुक्त कर्मियों से वरीय माने जाएंगे. वहीं कर्मचारी चयन आयोग की मेधा सूची (Merit List) के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को अनुकंपा (Compassionate Appointment) के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों से वरिष्ठता सूची में ऊपर रखा जाएगा. प्रोन्नति के समय इसी क्रम का पालन किया जाएगा.

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नए नियुक्त कर्मियों के लिए सख्त हुई सेवा शर्तें

सरकार ने नए नियुक्त होने वाले लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए सेवा शर्तों में भी बदलाव किया है. अब प्रत्येक कर्मचारी को नियुक्ति के बाद दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) पूरी करनी होगी. इसके साथ ही शुरुआती तीन महीने का प्रशिक्षण लेना भी अनिवार्य रहेगा.

प्रशिक्षण और परिवीक्षा पूरी होने पर ही मिलेगी पुष्टि

नियमों के मुताबिक तीन महीने का अनिवार्य प्रशिक्षण और दो साल की परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद ही कर्मचारी की सेवा की पुष्टि की जाएगी. इसके बाद ही संबंधित कर्मी भविष्य में प्रोन्नति के लिए पात्र माना जाएगा.

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धनबाद में शर्मनाक वारदात: बुजुर्ग महिला से दरिंदगी का आरोप, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

Dhanbad Crime News: धनबाद के एमपीएल ओपी क्षेत्र के एक गांव में 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है. पीड़िता ने क्षेत्र के ही तिलतोड़िया निवासी एक युवक पर जबरन दुष्कर्म और मारपीट का आरोप लगाया है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया. उससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस के अनुसार, आरोपी मानसिक रूप से अर्धविक्षिप्त बताया जा रहा है.

शाम 6.30 बजे की बताई घटना

पीड़िता ने पुलिस को दिए लिखित आवेदन में बताया है कि घटना 18 जुलाई की शाम करीब 6:30 बजे की है. उस समय वह अपने घर के बाहर बैठी थीं. आरोप है कि इसी दौरान तिलतोड़िया निवासी विपत्तारिणी महतो वहां पहुंचा और उनके साथ छेड़खानी करने लगा.

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विरोध किया तो मारपीट, फिर दुष्कर्म का आरोप

महिला का कहना है कि उन्होंने आरोपी की हरकत का विरोध किया तो उसने उनके साथ मारपीट की. इसके बाद आरोपी ने जबरन उनके कपड़े खोल दिए और उनकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया. पीड़िता ने अपने आवेदन में कहा है कि इस घटना से उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचा है.

पुलिस को सौंपे जाने का दावा किया साक्ष्य

पीड़िता ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि घटना से जुड़े वीडियो और फोटो उनके पास साक्ष्य के रूप में सुरक्षित हैं. उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को भी दी है. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की भी जांच कर रही है.

एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी

एमपीएल ओपी प्रभारी सुमन कुमारी ने बताया कि पीड़िता की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है. मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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