Anant Singh: मीरगंज थाने में दर्ज मामले को लेकर मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को फिलहाल राहत मिली है. एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया. वहीं इस मामले में नामजद गुड्डू राय समेत अन्य आरोपितों को राहत नहीं मिल सकी. अब अदालत इस मामले पर 5 जून को आगे सुनवाई करेगी.
सीआईडी के पास पहुंची जांच, नए सिरे से होगी पड़ताल
आर्म्स एक्ट से जुड़े इस चर्चित मामले की जांच अब बिहार सीआईडी के जिम्मे है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोपालगंज पुलिस ने केस से संबंधित दस्तावेज और फाइलें सीआईडी को हस्तांतरित कर दी हैं. अब जांच एजेंसी पूरे घटनाक्रम की दोबारा समीक्षा करेगी. जांच का एक प्रमुख बिंदु वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले हथियार भी हैं. एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वे हथियार लाइसेंसी थे या नहीं और कार्यक्रम के दौरान उनका प्रदर्शन किस परिस्थिति में किया गया.
अदालत में साक्ष्यों को लेकर हुई बहस
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने जांच की वर्तमान स्थिति को मुद्दा बनाया. वरीय अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि अभी तक न तो एफएसएल रिपोर्ट पेश की गयी है और न ही अभियोजन की ओर से ऐसे साक्ष्य दिये गये हैं, जिनसे मामले की जांच की प्रगति स्पष्ट हो सके. उनका यह भी कहना था कि जब जांच सीआईडी को सौंपी जा चुकी है, तब जमानत याचिकाओं पर निर्णय लिया जाना चाहिए.
बचाव पक्ष की ओर से यह तर्क भी रखा गया कि अभियोजन की ओर से अदालत से अतिरिक्त समय मांगा जाना कई सवाल खड़े करता है. दूसरी तरफ जिला लोक अभियोजक देव वंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने अदालत से 10 दिन का समय देने का अनुरोध किया. दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
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वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे
गुंजन सिंह की ओर से पैरवी कर रहे वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक ने कहा कि उनके मुवक्किल एक कलाकार हैं और वायरल वीडियो के आधार पर लगाए गये आरोपों को तथ्यों की कसौटी पर परखा जाना चाहिए. उन्होंने अदालत में कहा कि वीडियो में अश्लील मुजरा दिखाई नहीं देता. उनका दावा था कि बाद में अश्लील गीत जोड़कर वीडियो को प्रसारित किया गया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वायरल वीडियो में अनंत सिंह की मौजूदगी भी नजर नहीं आती.
सेमराव गांव के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित जनेऊ समारोह के दौरान यह पूरा मामला सामने आया. उनके अनुसार कार्यक्रम में अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह भी वहां मौजूद थे. इसी आयोजन से जुड़े वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी.
एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार जारी
वायरल वीडियो में डांसर के साथ लोगों के ठुमका लगाने और हथियार लहराने के आरोपों को लेकर भी अदालत में चर्चा हुई. वीडियो में प्रतिबंधित हथियार होने की आशंका के बाद पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने इसकी फॉरेंसिक जांच कराने का निर्णय लिया था. वीडियो को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया, लेकिन अब तक रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं की जा सकी है.
दो नाबालिगों का भी उठाया गया मुद्दा
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजात शत्रु ने अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा नामजद किये गये नौ आरोपितों में दो नाबालिग हैं. इसके अलावा एक आरोपी का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि नाबालिग आरोपितों से संबंधित मामलों को किशोर न्याय बोर्ड के पास भेजा जाए.
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