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राबड़ी आवास विवाद पर सम्राट चौधरी का तीखा बयान, बोले- यह किसी जागीर नहीं है

Rabri Awas: सरकारी आवास विवाद को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. शेखपुरा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सरकारी आवास को निजी संपत्ति समझने की मानसिकता पर सवाल उठाए. उन्होंने लोकतांत्रिक परंपराओं और जवाबदेही की भी चर्चा की.

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Rabri Awas: सरकारी आवास विवाद को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. शेखपुरा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सरकारी आवास को निजी संपत्ति समझने की मानसिकता पर सवाल उठाए. उन्होंने लोकतांत्रिक परंपराओं और जवाबदेही की भी चर्चा की.

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Rabri Awas: बिहार की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधा. शेखपुरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि सरकारी आवास किसी व्यक्ति या परिवार की स्थायी संपत्ति नहीं हो सकता. लोकतांत्रिक व्यवस्था में पद के साथ मिलने वाली सुविधाएं भी पद के अनुरूप ही होती हैं और समय आने पर उन्हें छोड़ना पड़ता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग सरकारी आवास को लेकर अत्यधिक चिंतित रहते हैं, जबकि जनप्रतिनिधियों का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक मंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने सरकारी आवास में रहने को प्राथमिकता नहीं दी. उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन में पद और आवास अस्थायी होते हैं, जबकि जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है.

नीतीश कुमार का किया जिक्र

अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि पद परिवर्तन के बाद उन्होंने निर्धारित समय के भीतर सरकारी आवास खाली कर दिया था. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान बताते हुए कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को ऐसी मिसाल पेश करनी चाहिए.

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आवास विवाद पर जारी है सियासी बयानबाजी

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा सरकारी बंगला खाली नहीं करने के मुद्दे पर पहले भी राजनीतिक बयानबाजी होती रही है. इस मामले में राजद नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई थी. राबड़ी देवी के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को भी आवास खाली करना चाहिए और समान नियम सभी पर लागू होने चाहिए.

‘लोक सेवक आवास’ नाम देने का किया उल्लेख

सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश के बाद किए गए एक फैसले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास को उन्होंने केवल सत्ता का प्रतीक नहीं माना, बल्कि इसे जनता की सेवा से जोड़ते हुए ‘लोक सेवक आवास’ के रूप में देखने की बात कही. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पदों पर रहने वाले लोगों को मोह-माया से ऊपर उठकर जनता के प्रति जवाबदेही को प्राथमिकता देनी चाहिए.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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