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Bhagalpur News : भागलपुर में बिजली विभाग से जुड़े एक शिकायत मामले ने जांच प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है. बिजली बिल में सुधार कराने के नाम पर कथित रूप से राशि लेने के आरोप के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गयी है, लेकिन जांच कमेटी के गठन को लेकर ही सवाल उठने लगे हैं. आरोपित कर्मचारी जिस कार्यालय में कार्यरत है, उसी कार्यक्षेत्र के अधिकारी को जांच टीम की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर निष्पक्ष जांच को लेकर चर्चा तेज हो गयी है.

मुख्यालय तक पहुंची शिकायत, जांच के आदेश
मधुसूदनपुर निवासी जद्दू यादव ने बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के शीर्ष अधिकारियों को भेजी शिकायत में अलीगंज विद्युत सब डिवीजन में तैनात लाइनमैन बबलू यादव पर गंभीर आरोप लगाये हैं. शिकायत के अनुसार उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज बिजली कनेक्शन में भारी बकाया राशि थी, जिसे कम कराने और बिल में सुधार करवाने का आश्वासन देकर 1.20 लाख रुपये लिये गये. आरोप है कि राशि लेने के बावजूद न तो बिल में संशोधन हुआ और न ही पैसा लौटाया गया.
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शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने पूरे मामले को लिखित रूप से मुख्यालय के समक्ष रखा.
10 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश
मुख्यालय से शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच का दायित्व सुपरिटेंडेंट इंजीनियर को सौंपा गया. इसके तहत कार्यपालक अभियंता (भागलपुर पूर्वी) की ओर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है. कमेटी में अलीगंज सब डिवीजन के सहायक अभियंता रितेश कुमार को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि जूनियर इंजीनियर संतोष कुमार और दीपक कुमार राही को सदस्य नामित किया गया है. टीम को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
जांच कमेटी के गठन पर उठे सवाल
मामले में सबसे अधिक चर्चा जांच कमेटी की संरचना को लेकर हो रही है. आरोपित लाइनमैन और कमेटी अध्यक्ष के एक ही प्रशासनिक कार्यक्षेत्र से जुड़े होने की वजह से कुछ लोगों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किये हैं. उनका तर्क है कि बिल सुधार से संबंधित कार्य उसी कार्यालय के दायरे में आते हैं, इसलिए जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण होगा.
हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कमेटी में अन्य सदस्यों को भी शामिल किया गया है और जांच पूरी प्रक्रिया के तहत की जायेगी. रिपोर्ट मिलने के बाद उसका अलग से परीक्षण भी किया जायेगा.
रजौन रिश्वत कांड में अभियंता निलंबित
इधर बिजली विभाग ने रजौन विद्युत सब डिवीजन के सहायक अभियंता विजेंद्र कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की है. विजिलेंस टीम द्वारा एक जून को कथित रूप से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किये जाने के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है. निलंबन संबंधी आदेश एसबीपीडीसीएल के अवर सचिव शत्रुघ्न कुमार सुमन की ओर से जारी किया गया है. विभागीय नियमों के तहत उन्हें निलंबन अवधि में जीवन-यापन भत्ता दिया जायेगा.
लगातार सामने आ रहे अनियमितता के आरोप
हाल के महीनों में बिजली विभाग के विभिन्न कार्यालयों से जुड़े कई विवाद सामने आये हैं. बिहपुर में वित्तीय अनियमितता के आरोप, अलीगंज क्षेत्र में पोल शिफ्टिंग से जुड़ी शिकायतें, रजौन में विजिलेंस कार्रवाई और अब बिल सुधार के नाम पर कथित वसूली के आरोप ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
विभाग का पक्ष
विद्युत कार्य प्रमंडल (भागलपुर पूर्वी) के कार्यपालक अभियंता प्रभात रंजन ने कहा कि मुख्यालय से प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच कमेटी गठित की गयी है. उनके अनुसार आरोपित व्यक्ति कर्मचारी स्तर का है, जबकि जांच टीम का नेतृत्व अधिकारी कर रहे हैं. साथ ही निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अन्य जूनियर इंजीनियरों को भी टीम में शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसका पुनरीक्षण किया जायेगा और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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