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Vikramshila Setu: 28 अगस्त की रात से विक्रमशिला सेतु पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो जाएगी. सेतु बंद होने के बाद भागलपुर-नवगछिया के बीच आवागमन कैसे जारी रहेगा, इसको लेकर अब तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है. पुल निर्माण निगम के मुख्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि हाई लेवल फ्लड की स्थिति में पांटून ब्रिज नहीं बनाया जाता. ऐसे में सेतु बंद रहने के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था का जिम्मा जिला प्रशासन के पास रहेगा.
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बाढ़ के बीच पांटून ब्रिज नहीं, नाव ही बन सकती है सहारा
हाई लेवल फ्लड में पांटून ब्रिज का निर्माण नहीं होने की स्थिति में अब नाव से आवागमन का विकल्प सामने है. इससे पहले स्लैब गिरने और बेली ब्रिज के निर्माण के दौरान लोगों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गई थी.
मुख्यालय के अधिकारी के अनुसार स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन यह तय करेगा कि सेतु पर ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान लोगों और वाहनों के आवागमन के लिए कौन-सी व्यवस्था लागू की जाए. नाव वाली व्यवस्था को दोबारा अपनाया जाना एक विकल्प हो सकता है.
28 अगस्त की रात से होगा विक्रमशिला सेतु, तीन महीने नहीं चलेंगे वाहन
28 अगस्त की रात से बंद होगा पुल, 30 नवंबर तक खोलने का लक्ष्य
विक्रमशिला सेतु पर 28 अगस्त की रात से वाहनों का आवागमन रोक दिया जाएगा. इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम शुरू होगा.
मुख्यालय ने 30 नवंबर तक सेतु को हर हाल में आवागमन के लिए खोलने का लक्ष्य रखा है. अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय पर काम शुरू करने में देरी नहीं होगी.
बेली ब्रिज हटेगा, उसकी जगह बनेगा स्टील ब्रिज
सेतु के जिन हिस्सों में अभी बेली ब्रिज बनाया गया है, वहां अब स्टील ब्रिज तैयार किया जाएगा. इसके बाद स्टील ब्रिज के ऊपर नए स्लैब फिक्स किए जाएंगे.
इसी प्रक्रिया के जरिए क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत की जाएगी. सेतु बंद होते ही वर्तमान बेली ब्रिज को खोलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी.
पंचकुला से भागलपुर पहुंचेंगे नए स्लैब
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए जरूरी स्लैब हरियाणा के पंचकुला में तैयार हो रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार अगले दो-चार दिनों में इनकी खेप भागलपुर पहुंचनी शुरू हो जाएगी.
स्टील ब्रिज के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी अगले दो दिनों के भीतर भागलपुर पहुंचने लगेगी. निर्माण सामग्री की आपूर्ति की तैयारी पूरी कर ली गई है, ताकि पुल बंद होते ही काम तेजी से आगे बढ़ाया जा सके.
अब प्रशासन के फैसले पर टिका भागलपुर-नवगछिया का आवागमन
विक्रमशिला सेतु बंद रहने की अवधि में सबसे अहम सवाल वैकल्पिक आवागमन का है. पांटून ब्रिज का विकल्प हाई लेवल फ्लड में उपलब्ध नहीं होने के कारण अब जिला प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर व्यवस्था तय करनी होगी.
प्रशासन के अंतिम निर्णय के बाद ही यह साफ होगा कि 28 अगस्त के बाद सेतु बंद रहने के दौरान भागलपुर और नवगछिया के बीच लोगों के आवागमन के लिए कौन सा रास्ता और व्यवस्था उपलब्ध होगी.
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