Vikramshila Setu: भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में लोगों और माल की आवाजाही के लिए गंगा जलमार्ग को तैयार किया जा रहा है. जिला प्रशासन ने यात्रीवाहक और मालवाहक जलयान चलाने के इच्छुक संचालकों से आवेदन मांगे हैं. आवेदन 21 सितंबर से 30 सितंबर तक लिये जायेंगे. जलयान संचालन की अनुमति निर्धारित अहर्ताओं और सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले आवेदकों को ही दी जायेगी.
Vikramshila Setu: सेतु से आवागमन बंद होने के बाद काम आयेगा जलमार्ग
दरअसल, विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन कार्य के लिए बेली ब्रिज हटाने की तैयारी शुरू हो गयी है. बेली ब्रिज हटाये जाने के बाद विक्रमशिला सेतु से आवागमन बंद हो जायेगा. इससे भागलपुर-नवगछिया के बीच सीधा सड़क संपर्क प्रभावित होगा. ऐसी स्थिति में गंगा के रास्ते यात्रियों और माल की आवाजाही को वैकल्पिक माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है.
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यात्री के साथ माल परिवहन की भी व्यवस्था
प्रशासन की योजना में केवल यात्रियों के आवागमन तक जलमार्ग को सीमित नहीं रखा गया है. यात्रीवाहक के साथ मालवाहक जलयान के संचालन की अनुमति भी दी जायेगी. इसके लिए इच्छुक आवेदकों को प्रशासन की ओर से तय सभी अहर्ताओं और सुरक्षा शर्तों का पालन करना होगा.
जर्जर या अपंजीकृत पोत नहीं चला सकेंगे
जलयान का अंतरदेशीय पोत के लिए निर्धारित मानकों पर खरा उतरना जरूरी होगा. जर्जर या अपंजीकृत पोत को संचालन की अनुमति नहीं दी जायेगी.
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पोत पर लोड लाइन पेंट किया हुआ होना चाहिए. आपातकालीन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा. सचल अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, साउंड सिस्टम के लिए कॉर्डलेस माइक, अलार्म, सीटी तथा आवश्यक लाइट और सिग्नल की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी.
पांच यात्रियों पर एक जीवनरक्षक छल्ला
जलयान पर सुरक्षा के लिए प्रत्येक यात्री, वाहन चालक और वाहन मालिक के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध रखना होगा. इसके अलावा हर पांच यात्रियों, वाहन चालकों और वाहन मालिकों के लिए एक जीवनरक्षक छल्ला रखना अनिवार्य किया गया है. आपात स्थिति से निपटने के लिए जलयान पर सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होने चाहिए.
घाट से लेकर जेट्टी तक की जिम्मेदारी संचालक की
गंगा नदी के दोनों किनारों पर जलयान के ठहरने तथा मालवाहक वाहनों के चढ़ने-उतरने के लिए जेट्टी और आवागमन मार्ग की व्यवस्था आवेदक को अपने स्तर से करनी होगी.
प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना की स्थिति में जलयान संचालक को जिला प्रशासन के निर्देश के अनुसार कार्य करना होगा. प्रशासन की ओर से निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने वाले आवेदनों को जलयान संचालन की अनुमति नहीं दी जायेगी.
30 सितंबर तक देना होगा आवेदन
जिला आपदा प्रबंधन शाखा की ओर से शुरू की गयी आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी. इसके जरिए प्रशासन ऐसे यात्रीवाहक और मालवाहक जलयानों की व्यवस्था करना चाहता है, जो विक्रमशिला सेतु से आवागमन बंद होने की स्थिति में भागलपुर-नवगछिया के बीच वैकल्पिक परिवहन का माध्यम बन सकें.
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