विज्ञापन

वायरल वीडियो

विक्रमशिला सेतु की होगी बड़ी सर्जरी, टूटे हिस्सों को तोड़कर बनेगा नया ढांचा; 100 करोड़ होंगे खर्च

Vikramshila Bridge : विक्रमशिला सेतु को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाकर नए ढांचे के निर्माण की तैयारी की जा रही है. विभागीय प्रक्रिया तेज होने के साथ परियोजना को जल्द जमीन पर उतारने की कवायद शुरू हो गई है.

Vikramshila Bridge : भागलपुर और नवगछिया के बीच संपर्क का प्रमुख माध्यम बने विक्रमशिला सेतु को लंबे समय तक सुरक्षित बनाए रखने के लिए व्यापक पुनर्विकास योजना पर काम शुरू हो गया है. संबंधित एजेंसियों ने पुल के उन हिस्सों को चिह्नित किया है, जहां संरचनात्मक क्षति सामने आई थी. अब इन हिस्सों की सामान्य मरम्मत करने के बजाय उन्हें हटाकर नए सिरे से निर्माण कराने की तैयारी की जा रही है.

स्थायी समाधान पर फोकस

तकनीकी जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है कि केवल मरम्मत कार्य से भविष्य में आने वाली चुनौतियों का पूरी तरह समाधान नहीं होगा. इसी कारण प्रभावित स्पैन और स्लैब सेक्शन को नए डिजाइन के अनुरूप दोबारा विकसित करने की रणनीति बनाई गई है. इससे पुल की वहन क्षमता और सुरक्षा दोनों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

निर्माण प्रक्रिया की तैयारियां तेज

इस परियोजना की जिम्मेदारी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के खगड़िया इकाई को दी गई है. विभागीय स्तर पर लागत और तकनीकी पहलुओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है. प्रस्ताव फिलहाल अनुमोदन प्रक्रिया से गुजर रहा है, जहां विशेषज्ञ इसकी तकनीकी व्यवहार्यता की समीक्षा कर रहे हैं.

मंजूरी के बाद होगी एजेंसी की नियुक्ति

अधिकारियों के अनुसार सभी आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. अनुमान है कि आगामी कुछ सप्ताह में टेंडर जारी कर दिया जाएगा. इसके बाद कार्यान्वयन की जिम्मेदारी तय होगी और निर्माण कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा.

मानसून के बाद मैदान में उतरेगी टीम

गंगा में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए फिलहाल निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाएगा. विभाग मानसून अवधि का उपयोग प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करने में करेगा. जलस्तर सामान्य होते ही क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाने और नए निर्माण की शुरुआत की जाएगी.

परियोजना पर आएगी बड़ी लागत

प्रारंभिक आकलन के मुताबिक पूरे कार्य पर 100 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होने की संभावना है. इस निवेश का उद्देश्य केवल क्षतिग्रस्त हिस्सों की भरपाई करना नहीं, बल्कि सेतु की दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित करना भी है.

यातायात व्यवस्था पर पड़ सकता है असर

पुनर्निर्माण कार्य को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए लगभग तीन महीने का लक्ष्य रखा गया है. निर्माण के दौरान यातायात संचालन को लेकर विशेष योजना बनाई जाएगी. जरूरत पड़ने पर कुछ अवधि के लिए वाहनों की आवाजाही सीमित या अस्थायी रूप से रोकी भी जा सकती है.

मई की घटना के बाद बदली रणनीति

मई की शुरुआत में पुल के एक हिस्से को नुकसान पहुंचने के बाद आवागमन पूरी तरह रोकना पड़ा था. इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में बेली ब्रिज तैयार किया गया, जिससे संपर्क बहाल हो सका. अब स्थायी समाधान के तहत मूल संरचना को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो.

इसे भी पढ़ें-

सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
संबंधित खबरें
विज्ञापन

जरूर पढ़ें

Patna
few clouds
44.2 ° C
44.2 °
44.2 °
11%
3.7m/s
15%
Tue
46 °
Wed
45 °
Thu
41 °
Fri
41 °
Sat
41 °

अन्य खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here