Ramgarh News : झारखंड में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे मनरेगा कर्मियों ने संघर्ष को और तेज करने का ऐलान किया है. रामगढ़ जिले के मनरेगा कर्मी मंगलवार को भी उपायुक्त कार्यालय के समीप चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए और सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग उठायी. कार्यक्रम की अगुवाई जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद ने की.
रांची में जुटेंगे पांचों प्रमंडलों के कर्मी
धरना के दौरान कर्मियों ने बताया कि 10 जून को राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में राज्यस्तरीय प्रदर्शन आयोजित किया जायेगा. इसके बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने की योजना है. आंदोलनकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम पूरे राज्य के पांचों प्रमंडलों के मनरेगा कर्मियों की भागीदारी से चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है.
सेवा शर्तों और सुरक्षा को लेकर उठी आवाज
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं है. मनरेगा कर्मी लंबे समय से सेवा संबंधी सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि वर्षों से समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई है.
वेतन विसंगति पर जताया आक्रोश
कर्मियों ने मानदेय में असमानता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उनका कहना है कि एक ही व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करने के बावजूद अलग-अलग स्तरों पर वेतन और सुविधाओं में बड़ा अंतर है. जहां उच्च स्तर पर कार्यरत कर्मियों को ग्रेड-पे सहित कई लाभ मिलते हैं, वहीं क्षेत्रीय स्तर के कर्मचारियों को सीमित मानदेय पर काम करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि वर्तमान भुगतान से परिवार का भरण-पोषण करना भी कठिन हो रहा है.
मृत कर्मियों के परिवारों को सहायता की मांग
आंदोलनकारियों ने दावा किया कि अब तक राज्य में 156 मनरेगा कर्मियों का निधन हो चुका है. इसके बावजूद उनके आश्रित परिवारों के लिए कोई ठोस सामाजिक या आर्थिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनायी गयी है. कर्मियों ने सरकार से इस दिशा में भी संवेदनशील पहल करने की मांग की.
धरना कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव ने किया. इस अवसर पर लखन मुंडा, गणेश राम, राज कपूर, रामबालेश्वर महतो, दशरथ यादव, इकराम उल हक, विजय शर्मा समेत बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मी मौजूद रहे.
इसे भी पढ़ें-

