Vikramshila Bridge : विक्रमशिला सेतु को लेकर एक बार फिर तकनीकी स्तर पर चिंता बढ़ गयी है. सेतु के एक हिस्से में स्थित एक्सपेंशन ज्वाइंट में सामान्य से अधिक अंतर मिलने के बाद संबंधित विभागों में हलचल तेज हो गयी है. राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग के निर्देश पर मंगलवार की देर शाम पुल निर्माण निगम, भागलपुर की इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया. जांच के दौरान पाया गया कि सेतु के पिलर संख्या 121 और 122 के बीच स्थित एक्सपेंशन ज्वाइंट में निर्धारित मानक की तुलना में कहीं अधिक गैप मौजूद है. निरीक्षण के बाद पूरी रिपोर्ट एनएच विभाग के मुख्य अभियंता को भेज दी गयी है. हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुल पर वाहनों का परिचालन जारी था और किसी तरह का प्रतिबंध लागू नहीं किया गया था.
जांच में क्या आया सामने
निरीक्षण में शामिल पुल निर्माण निगम के एक अभियंता ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि संबंधित हिस्से में एक्सपेंशन ज्वाइंट का सामान्य अंतर करीब 40 मिलीमीटर होना चाहिए. लेकिन मौके पर की गयी माप में यह दूरी लगभग 90 मिलीमीटर दर्ज की गयी. तकनीकी दृष्टि से इसे सामान्य स्थिति नहीं माना जा रहा है. अभियंता के अनुसार गैप का इस स्तर तक बढ़ जाना संरचनात्मक बदलाव का संकेत हो सकता है, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल जांच रिपोर्ट पटना स्थित मुख्यालय को भेज दी गयी है और अब वहां से मिलने वाले निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है. मुख्यालय की राय और तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.
पहले भी ऐसी स्थिति के बाद हुआ था बड़ा नुकसान
तकनीकी विशेषज्ञ इस स्थिति को लेकर इसलिए भी चिंतित हैं क्योंकि इसी प्रकार का संकेत पहले भी सामने आ चुका है. तीन मई की रात जिस स्थान के समीप सेतु का स्लैब टूटकर नीचे गिर गया था, उससे पहले भी एक्सपेंशन ज्वाइंट में असामान्य गैपिंग देखी गयी थी. वर्तमान में पिलर संख्या 121 और 122 के बीच जो स्थिति मिली है, वह काफी हद तक उस पुराने मामले से मिलती-जुलती बतायी जा रही है.
यही कारण है कि जांच टीम के सदस्य भी इस बदलाव को लेकर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं. कई इंजीनियरों का मानना है कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेतु पर आवागमन रोकने के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए.
निर्देश मिलने तक सावधानी बरतने की सलाह
अभियंताओं का कहना है कि अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जायेगा, लेकिन तब तक वाहन चालकों और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान स्थिति को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. जब तक विस्तृत तकनीकी विश्लेषण पूरा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी संभावना से इनकार करना जल्दबाजी होगी.
इंजीनियरों का मानना है कि संरचनात्मक बदलावों के मामलों में छोटी दिखने वाली तकनीकी खामी भी भविष्य में बड़ी समस्या का रूप ले सकती है. इसलिए स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है.
चीफ इंजीनियर ने क्या कहा
एनएच विंग, पथ निर्माण विभाग, पटना के मुख्य अभियंता संजय भारती ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के संबंधित एक्सपेंशन ज्वाइंट की जांच का निर्देश दे दिया गया है. पुल निर्माण निगम, भागलपुर की टीम मौके पर निरीक्षण कर रही है. उन्होंने कहा कि तस्वीरों और प्रारंभिक जानकारी में गैप सामान्य नहीं दिख रहा है. उनकी राय में सुरक्षा को देखते हुए सेतु को बंद करना अधिक उचित विकल्प हो सकता है. हालांकि अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही लिया जायेगा.
प्रशासन ने कहा- परिचालन सामान्य
दूसरी ओर सदर एसडीओ विकास कुमार ने कहा कि जांच की प्रक्रिया नियमित निरीक्षण का हिस्सा भी हो सकती है. फिलहाल सेतु पर वाहनों का परिचालन जारी है और प्रशासन को किसी नए प्रतिबंध संबंधी निर्देश की जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि अभी तक कोई ऐसा निर्णय नहीं लिया गया है जिससे यातायात प्रभावित हो.
बढ़ी लोगों की चिंता
विक्रमशिला सेतु पहले ही पिछले कुछ महीनों से तकनीकी कारणों और मरम्मत कार्यों को लेकर चर्चा में रहा है. ऐसे में एक्सपेंशन ज्वाइंट में बढ़े गैप की सूचना सामने आने के बाद लोगों की चिंता भी बढ़ गयी है. भागलपुर और नवगछिया के बीच यह सेतु जीवनरेखा माना जाता है और प्रतिदिन हजारों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं. अब सभी की निगाहें मुख्यालय से आने वाली रिपोर्ट और उसके आधार पर लिये जाने वाले फैसले पर टिकी हैं.
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