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बंगाल SIR अपडेट: फाइनल वोटर लिस्ट जारी, पहले चरण के मतदाताओं की तस्वीर साफ

SIR in Bengal: बंगाल में SIR मामले को लेकर ट्रिब्यूनल द्वारा जारी पूरक मतदाता सूची ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. 136 नामों की स्वीकृति और दो नामों के हटाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि पहले चरण का मतदान नजदीक है.

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SIR in Bengal: कोलकाता में मतदाता सूची से जुड़े SIR मामले में चुनावी प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में आ गई है. ट्रिब्यूनल द्वारा तैयार की गई पूरक सूची बुधवार सुबह चुनाव आयोग ने जारी कर दी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रकाशित किया गया है. इस सूची के सामने आने के बाद पहले चरण के मतदान को लेकर स्थिति और स्पष्ट हुई है. जिन मतदाताओं के नाम ट्रिब्यूनल प्रक्रिया में “स्वीकृत” किए गए हैं, वे निर्धारित चरण में मतदान कर सकेंगे. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने मतदाता पहले चरण में शामिल होंगे, लेकिन EPIC नंबर के माध्यम से मतदाता अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं.

ट्रिब्यूनल प्रक्रिया में 136 नाम मंजूर, 2 नाम हटाए गए

जानकारी के अनुसार ट्रिब्यूनल ने एक दिन पहले तक 136 नामों को मंजूरी दी थी, जिन्हें पूरक सूची में शामिल किया गया है. हालांकि इस सूची में से दो नामों को अंतिम रूप से हटा दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं. सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि 21 अप्रैल तक जिन मामलों का निपटारा ट्रिब्यूनल में हो जाएगा, वे पहले चरण के मतदान में भाग ले सकेंगे. इसी आधार पर आयोग ने सूची जारी की है. लेकिन नाम हटाए जाने को लेकर पारदर्शिता पर प्रश्न खड़े हो गए हैं.

टीएमसी ने उठाए आयोग पर सवाल, विपक्ष ने जताई नाराजगी

पूरक सूची जारी होने के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है. तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीमित संख्या में नामों के चयन से पूरी प्रक्रिया पर संदेह पैदा होता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर पड़ रहा है. विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े फैसले पारदर्शी तरीके से नहीं लिए जा रहे हैं.

पहले से 60 लाख नामों की जांच प्रक्रिया चल रही

गौरतलब है कि 28 फरवरी को राज्य में अंतिम मतदाता सूची जारी की गई थी, जिसमें लगभग 60 लाख नामों की समीक्षा प्रक्रिया शुरू हुई थी. जिन नामों पर आपत्ति दर्ज की गई थी, उन्हें ट्रिब्यूनल में भेजा गया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यह तय किया गया था कि 21 अप्रैल तक जिन मामलों का निपटारा हो जाएगा, वे पहले चरण के मतदान में शामिल हो सकेंगे. इसी तरह 27 अप्रैल तक निपटाए गए मामलों को दूसरे चरण में मतदान की अनुमति दी जाएगी.

मतदान से पहले अंतिम स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश

राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है, जिसमें 152 निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग होगी. ऐसे में अंतिम समय पर पूरक सूची जारी होने से प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर हलचल बढ़ गई है. चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता अपने EPIC नंबर के जरिए अपनी स्थिति की पुष्टि कर सकते हैं. वहीं राजनीतिक दलों की नजर अब इस बात पर है कि अंतिम समय में मतदाता सूची में हुए बदलाव मतदान पर क्या असर डालेंगे.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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