इस खबर में क्या है?
US Iran Conflict : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के ताजा प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाए गए इस प्रस्ताव में ईरान ने युद्ध रोकने के बदले कई अहम शर्तें रखी हैं, जिन्हें लेकर वॉशिंगटन ने कड़ा रुख अपनाया है.
युद्ध रोकने से पहले ईरान ने रखीं कई शर्तें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने अमेरिकी शांति प्रस्ताव के जवाब में कुछ प्रमुख मांगें सामने रखी हैं. इनमें युद्ध समाप्त करने से लेकर आर्थिक प्रतिबंधों में राहत तक कई मुद्दे शामिल हैं.
ईरान की प्रमुख मांगें
- ईरान ने कहा है कि सबसे पहले तत्काल युद्ध रोका जाए. साथ ही भविष्य में उस पर दोबारा हमला नहीं करने की स्पष्ट और भरोसेमंद गारंटी भी दी जाए.
- तेहरान ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा मांगा है. इसके अलावा उसने हॉर्मुज स्ट्रेट पर अपने पूर्ण नियंत्रण को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने की भी मांग रखी है.
- प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी एजेंसी OFAC कुछ समय के लिए ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों में राहत दे. साथ ही समुद्री घेराबंदी समाप्त करने की बात भी शामिल की गई है.
- ईरान ने संकेत दिया है कि यदि कुछ शर्तों पर सहमति बनती है तो हॉर्मुज स्ट्रेट का प्रबंधन उसके हाथ में रहेगा. हालांकि इन शर्तों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है.
- तेहरान ने साफ किया है कि संघर्ष केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई पूरी तरह बंद होनी चाहिए.
- प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि युद्ध समाप्त होने के बाद लगभग 30 दिनों तक बातचीत का दौर जारी रहेगा, जिसमें आगे की शर्तों और समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा.
परमाणु कार्यक्रम पर भी सामने आया संकेत
इस बीच The Wall Street Journal की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान कुछ समय के लिए यूरेनियम संवर्धन रोकने पर विचार कर सकता है. हालांकि उसने अमेरिका द्वारा सुझाए गए लंबे समय के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों को खत्म करने की मांग को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया है. इससे दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे पर टकराव अभी भी कायम है.
ट्रंप ने बताया पूरी तरह अस्वीकार्य
रविवार को प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान का जवाब अमेरिका के लिए बिल्कुल मंजूर नहीं है. उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा प्रस्ताव पर सहमति बनने की संभावना बेहद कम है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की शर्तों और अमेरिका के सख्त रुख के कारण क्षेत्रीय तनाव फिलहाल कम होता नहीं दिख रहा है.
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