Bihar Nursing Education : नर्सिंग संस्थानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन मान्यता प्रदान करने की सुविधा का शुभारंभ बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया. शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नर्सिंग संस्थानों के एनओसी और दूसरी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किए जाने से गुणवत्ता में सुधार एवं पारदर्शिता आएगी. ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृति की इस व्यवस्था से समय की बचत होगी और संस्थानों का मुख्य फोकस शिक्षा की गुणवत्ता पर रहेगा.
656 नर्सिंग कॉलेजों के लिए ऑनलाइन मान्यता व्यवस्था लागू
श्री पांडेय ने कहा कि एक दशक पहले तक राज्य में नर्सिंग संस्थान पर्याप्त संख्या में नहीं थे. इसकी टीस मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गहराई से थी, फलस्वरूप उन्होंने राज्य में नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की. मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत तेजी से सरकारी और गैर सरकारी नर्सिंग कॉलेज खोले गए. आज बिहार में 656 नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग के अलग-अलग पाठ्यक्रमों की पढ़ाई हो रही है. इन संस्थानों में पढ़ाई के लिए वर्तमान में 41 हजार 65 सीटें स्वीकृत हैं.
ऑनलाइन एनओसी से आसान होगी मान्यता प्रक्रिया
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार नर्सिंग संस्थानों की संख्या बढ़ाने के लिए कारगर पहल करेगी, लेकिन संस्थानों को मानकों का पूरा ख्याल रखना होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि नर्सिंग की पढ़ाई में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. ऑनलाइन एनओसी की सुविधा शुरू होने से संस्थान प्रबंधन को अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिलेगी और वे अपनी ऊर्जा गुणवत्ता सुधार पर खर्च कर सकेंगे. विभागीय सचिव लोकेश कुमार सिंह ने भी कहा कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से शोषणकारी व्यवस्था खत्म होगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी. इस अवसर पर मंत्री ने पांच संस्थानों के एनओसी का ऑनलाइन अनुमोदन कर प्रमाण पत्र भी सौंपे.
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