Chatra News: झारखंड के चतरा जिले में नक्सल और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत टंडवा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने लेवी वसूली, धमकी देने और कोयला परियोजना में आगजनी की घटना में शामिल जेजेएमपी संगठन के एक उग्रवादी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविंद्र सिंह उर्फ रविंद्र सिंह खरवार के रूप में हुई है. वह लोहरदगा जिले के जोबांग थाना क्षेत्र के पहाड़गीर गांव का रहने वाला बताया गया है. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसके घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
प्रेस कांफ्रेंस में डीएसपी ने किया खुलासा
इस पूरे मामले की जानकारी डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी. उन्होंने बताया कि आरोपी लंबे समय से जेजेएमपी संगठन से जुड़ा हुआ था और क्षेत्र में लेवी वसूली, धमकी और दहशत फैलाने की गतिविधियों में सक्रिय था. पुलिस को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि आम्रपाली कोल परियोजना में कार्य कर रही एनसीसी लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार धमकी भरे फोन कॉल किए जा रहे हैं.
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डीएसपी ने बताया कि फोन करने वाले लोग खुद को कभी टीएसपीसी तो कभी जेजेएमपी संगठन का सदस्य बताकर कंपनी पर दबाव बना रहे थे. उनसे लेवी की मांग की जा रही थी और पैसा नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की थी.
कोयला परियोजना में लगे ट्रक को किया था आग के हवाले
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 24 जनवरी 2026 की रात आम्रपाली कोल परियोजना में एनसीसी कंपनी का एक वोल्वो ट्रक कोयला उत्खनन कार्य में लगा हुआ था. उसी दौरान पांच अज्ञात अपराधियों ने ट्रक को रास्ते में रोक लिया. अपराधियों ने ट्रक चालक और सुपरवाइजर के साथ लाठी-डंडे से मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी.
इसके बाद बदमाशों ने ट्रक के अगले हिस्से पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. देखते ही देखते ट्रक धू-धू कर जलने लगा. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया था. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
घटनास्थल से मिला था जेजेएमपी का पर्चा
डीएसपी ने बताया कि आगजनी की घटना के बाद घटनास्थल से जेजेएमपी संगठन के नाम से एक पर्चा भी बरामद किया गया था. उस पर्चे में कंपनी प्रबंधन को लेवी नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी. पर्चे में ‘शिव जी’ नाम का उल्लेख था, जिसे संगठन का सक्रिय सदस्य बताया गया था.
पुलिस ने पर्चे को जांच के लिए जब्त कर लिया और उसके बाद मामले की कई स्तरों पर जांच शुरू की गई. जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की.
कंपनी अधिकारियों को दोबारा किया गया था फोन
पुलिस के अनुसार आगजनी की घटना के अगले दिन यानी 25 जनवरी की सुबह एनसीसी कंपनी के अधिकारियों को फिर धमकी भरा फोन आया था. फोन करने वाले ने खुद को जेजेएमपी संगठन का लीडर ‘शिव जी’ बताया और कंपनी से लेवी की मांग दोहराई. उसने धमकी दी कि यदि पैसा नहीं दिया गया तो आगे और बड़ी घटनाएं की जाएंगी.
इसके बाद पुलिस ने मामले को और गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच शुरू की. टंडवा थाना पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कई स्थानों पर छापेमारी की और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की. इसी दौरान पुलिस को आरोपी रविंद्र सिंह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली.
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को गुरुवार को सूचना मिली कि मामले में शामिल आरोपी रविंद्र सिंह अपने गांव स्थित घर पहुंचा हुआ है. सूचना मिलते ही टंडवा पुलिस ने विशेष छापेमारी टीम का गठन किया. टीम ने देर रात पहाड़गीर गांव में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपी भागने की कोशिश कर सकता था, इसलिए पूरी कार्रवाई बेहद सतर्कता के साथ की गई. पुलिस ने उसे मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद कई अहम जानकारियां सामने आईं.
कई पुलिसकर्मियों ने मिलकर चलाया अभियान
इस कार्रवाई में टंडवा थाना प्रभारी पप्पू कुमार शर्मा, एसआई सुनील सिंह समेत कई पुलिस जवान शामिल थे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और लेवी वसूली करने वाले संगठनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है.
डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि विकास कार्यों में बाधा डालने और भय का माहौल बनाने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कंपनियों और आम लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धमकी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
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