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गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, पहले चरण के साथ दूसरे फेज की तैयारी भी शुरू

Godda News : गोड्डा और पीरपैंती के बीच प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना पर काम तेज हो गया है. पहले चरण का निर्माण जारी है, जबकि दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी भी शुरू हो चुकी है. परियोजना पूरी होने पर यात्रियों, उद्योगों और ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.

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Godda News : गोड्डा और पीरपैंती के बीच प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना पर काम तेज हो गया है. पहले चरण का निर्माण जारी है, जबकि दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी भी शुरू हो चुकी है. परियोजना पूरी होने पर यात्रियों, उद्योगों और ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.

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Godda News : बिहार और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में गोड्डा-पीरपैंती नई रेल लाइन परियोजना पर काम तेज हो गया है. वर्षों से इस क्षेत्र के लोगों को आवागमन और माल ढुलाई के लिए मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति बदलने वाली है. रेलवे ने परियोजना के पहले चरण में निर्माण गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ अगले चरण के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं.

62 किलोमीटर लंबी परियोजना पर होगा 1,393 करोड़ रुपये खर्च

करीब 1,393 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही यह रेल लाइन कुल 62 किलोमीटर लंबी होगी. परियोजना को दो हिस्सों में पूरा करने की योजना बनाई गई है. पहले चरण में गोड्डा से महागामा तक रेल ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में महागामा से पीरपैंती तक रेल संपर्क स्थापित किया जाएगा.

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि चरणबद्ध तरीके से काम होने से परियोजना को समय पर पूरा करने में सुविधा होगी और निर्माण कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों का भी बेहतर तरीके से समाधान किया जा सकेगा.

रेलवे को मिल चुकी है 150 एकड़ जमीन

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए झारखंड सरकार ने रेलवे को 150 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी है. भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे की तकनीकी और निर्माण इकाइयों ने क्षेत्र में काम को और तेज कर दिया है. अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक भूमि मिलने से निर्माण कार्य में आने वाली बड़ी बाधा दूर हो गई है.

इसी के साथ रेलवे प्रशासन अब अगले चरण के लिए आवश्यक जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की देरी न हो.

कोयला परिवहन के लिए मिलेगा नया विकल्प

नई रेल लाइन का सबसे बड़ा लाभ ऊर्जा क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है. रेल मार्ग शुरू होने के बाद ललमटिया खदानों से एनटीपीसी फरक्का तक कोयले की ढुलाई के लिए वैकल्पिक और अपेक्षाकृत छोटा मार्ग उपलब्ध हो जाएगा. इससे वर्तमान रूट पर पड़ने वाला दबाव कम होगा और परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम बन सकेगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि मालगाड़ियों की आवाजाही बेहतर होने से समय और लागत दोनों में कमी आएगी, जिसका फायदा बिजली उत्पादन से जुड़े प्रतिष्ठानों को मिलेगा.

पत्थर उद्योग और व्यापार को भी होगा लाभ

साहेबगंज, पाकुड़ और मिर्जाचौकी क्षेत्र पत्थर और स्टोन चिप्स उद्योग के लिए जाने जाते हैं. नई रेल लाइन चालू होने के बाद इन इलाकों से बड़े पैमाने पर निर्माण सामग्री की ढुलाई आसान हो जाएगी. इससे स्थानीय उद्योगों को नए बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा और परिवहन खर्च भी कम हो सकता है.

व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी से सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

पीरपैंती के प्रस्तावित पावर प्लांट को मिलेगा सहारा

रेल परियोजना का फायदा पीरपैंती क्षेत्र में प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं को भी मिल सकता है. बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होने से भविष्य में औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावना है. विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए परिवहन नेटवर्क मजबूत होना बेहद जरूरी होता है और यह रेल लाइन उस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

दूसरे चरण की तैयारी भी शुरू

रेलवे निर्माण विभाग के अधिकारी परियोजना की नियमित निगरानी कर रहे हैं. पहले चरण का कार्य जारी रहने के साथ ही दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की रूपरेखा तैयार की जा रही है. उद्देश्य यह है कि एक चरण पूरा होते ही अगले हिस्से का काम बिना किसी रुकावट के शुरू किया जा सके.

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है.

यात्रियों को भी मिलेगा फायदा

परियोजना पूरी होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को रेल यात्रा की नई सुविधा मिलेगी. वर्तमान में कई गांव और कस्बे सीधे रेल संपर्क से वंचित हैं. नई लाइन शुरू होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी, वहीं रोजगार, व्यापार और शिक्षा से जुड़े अवसरों तक पहुंच भी बेहतर हो सकेगी.

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Soni
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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