Venezuela Earthquake Death Toll : वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन हर गुजरते घंटे के साथ तबाही की तस्वीर और भयावह होती जा रही है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कम से कम 4,300 लोग घायल हैं. बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण प्रशासन को आशंका है कि मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है. प्रभावित इलाकों में राहत दल मलबा हटाने के साथ-साथ जीवित लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं.
सबसे ज्यादा तबाही ला ग्वायरा में
भूकंप का सबसे गंभीर असर राजधानी काराकस के उत्तर में स्थित तटीय क्षेत्र ला ग्वायरा में देखा गया. यहां कई इमारतें धराशायी हो गईं और सबसे अधिक जनहानि की सूचना मिली है. देश का प्रमुख हवाई अड्डा भी इसी इलाके में स्थित है, जिसे नुकसान पहुंचने के बाद बंद करना पड़ा. इसके कारण राहत सामग्री और बचावकर्मियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई.
वेनेजुएला में डबल भूकंप का कहर, 39 सेकंड में दो बड़े झटके; दरकी सड़कें, मची अफरातफरी
WATCH: Rescue efforts in full effect in Venezuela following massive earthquakes. pic.twitter.com/DtLrs1AjOw
— Breaking911 (@Breaking911) June 25, 2026
इसी क्षेत्र में सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक जुआन अल्बर्टो मेंदान्यो तबाही के बीच लोगों की मदद करने पहुंचे. उन्होंने बताया कि रास्ते में उन्हें एक शव दिखाई दिया. कुछ दूरी आगे बढ़ने पर एक महिला मलबे में फंसी मिली, जो हाथ हिलाकर मदद मांग रही थी. उनके अनुसार महिला की चीख सुनाई दे रही थी, लेकिन उसे बाहर निकालने के लिए उस समय कोई उपकरण उपलब्ध नहीं था. उन्होंने उम्मीद जताई कि बचाव दल समय रहते उसे सुरक्षित निकालने में सफल होगा.
अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो ने सरकारी मीडिया से बातचीत में बताया कि अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायलों को लाया गया. उनके अनुसार लगभग 235 ऐसे लोग अस्पताल पहुंचे, जिनकी या तो घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी या उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. घायलों की संख्या लगातार बढ़ने से चिकित्सा सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है.
एक के बाद एक दो झटकों ने मचाई तबाही
बुधवार शाम आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे वेनेजुएला को हिला दिया. विशेषज्ञों के अनुसार ये झटके पिछले एक सदी से अधिक समय में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल हैं. तेज कंपन के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. अनेक भवन क्षतिग्रस्त हो गए और सुरक्षा के मद्देनजर कई इलाकों को खाली कराया गया. झटकों का असर ब्राजील के अमेजन क्षेत्र तक महसूस किया गया, जहां भी कई इमारतों को एहतियातन खाली कराया गया.
Scary scenes coming out of Venezuela following a powerful earthquake. pic.twitter.com/wxFHulLNkC
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मलबे से निकल रही दर्दनाक कहानियां
प्रभावित शहरों में बचावकर्मी लगातार मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे हैं. कई घायल धूल और खून से लथपथ हालत में मिले. बचाए गए लोगों में बच्चे और जानवर भी शामिल हैं. सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में एक महिला भारी सीमेंट स्लैब के नीचे फंसी दिखाई दी, जिसका केवल एक पैर बाहर नजर आ रहा था. काफी प्रयासों के बाद उसे जीवित बाहर निकाल लिया गया. वहीं एक अन्य स्थान पर मलबे में दबे पूरे परिवार को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया.
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अपने लोगों को खोजते रहे परिवार
भूकंप के बाद अनेक परिवार अस्पतालों, राहत शिविरों और क्षतिग्रस्त इलाकों में अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश करते रहे. कई लोग मलबे के आसपास खड़े होकर अपने परिजनों के नाम पुकारते रहे. एक महिला अपने तीन और दस वर्ष के बच्चों के शव कंबल में लपेटकर ले जाती दिखाई दी. कुछ देर बाद वह गहरे सदमे में सड़क पर ही गिर पड़ी. कई अन्य लोग भी अपनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने से बदहवास नजर आए.
राहत कार्यों को लेकर उठे सवाल
कुछ प्रभावित इलाकों में लोगों ने राहत कार्यों की गति पर असंतोष जताया. राजधानी काराकस के बाहरी क्षेत्रों में रहने वाली तीन बच्चों की मां दयाना डेलगाडो ने कहा कि सरकारी भारी मशीनें समय पर नहीं पहुंचीं और शुरुआती घंटों में स्थानीय लोगों तथा पड़ोसियों ने ही मलबा हटाने का काम संभाला. उन्होंने अपने आठ वर्षीय लापता बेटे का जिक्र करते हुए कहा कि वह सिर्फ यह जानना चाहती हैं कि उनका बच्चा मलबे में है या किसी राहत शिविर में सुरक्षित पहुंच गया है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद की पहल
आपदा के बाद कई देशों ने वेनेजुएला को राहत सामग्री और मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई. रिपोर्ट्स के अनुसार भारत की राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक विशेष टीम को वेनेजुएला भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का उपचार, राहत सामग्री की आपूर्ति और लापता लोगों का पता लगाना है.
अमेरिका ने प्रतिबंधों में दी अस्थायी राहत
वेनेजुएला को सहायता देने की दिशा में अमेरिका ने भी कदम उठाया है. इसी वर्ष की शुरुआत में अमेरिका ने एक सैन्य अभियान के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था. अब भूकंप के बाद राहत कार्यों को सुगम बनाने के लिए अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 23 अक्टूबर तक कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है. इस निर्णय का उद्देश्य ऐसे वित्तीय लेन-देन को अनुमति देना है, जो राहत और बचाव अभियान से जुड़े हैं और सामान्य परिस्थितियों में प्रतिबंधों के दायरे में आते.
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