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भागलपुर में बड़ी खोज; सैंडिस कंपाउंड से मिले अतिप्राचीन ‘ट्री फॉसिल’, संग्रहालय में रखा सुरक्षित

Bhagalpur : भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड से मिले दो अतिप्राचीन वृक्ष जीवाश्मों (ट्री फॉसिल) को सुरक्षित रूप से भागलपुर संग्रहालय में संरक्षित कर दिया गया है. इन दुर्लभ जीवाश्मों की खोज मॉर्निंग वॉक के दौरान की गई, जिनकी अनुमानित आयु और प्रजाति का पता लगाने के लिए लखनऊ के प्रतिष्ठित बीरबल साहनी संस्थान (BSIP) से वैज्ञानिक परीक्षण का अनुरोध किया गया है.

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Bhagalpur : भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड से संयोगवश प्राप्त दो अतिप्राचीन वृक्ष जीवाश्मों (ट्री फॉसिल) को जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सुरक्षित रूप से भागलपुर संग्रहालय में संरक्षित कर दिया गया है. इस महत्वपूर्ण खोज की शुरुआत कल सुबह उस समय हुई, जब जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी-सह-सहायक संग्रहालयाध्यक्ष अंकित रंजन सैंडिस कंपाउंड में मॉर्निंग वॉक के साथ तितलियों की फोटोग्राफी कर रहे थे.

भ्रमण के दौरान जब वे विश्राम के लिए एक पत्थरनुमा संरचना पर बैठे, तो कैमरे से सूक्ष्म अवलोकन करते समय उनकी दृष्टि समीप रखी एक अन्य पत्थरनुमा आकृति पर गई. सामान्य पत्थरों से भिन्न बनावट दिखने पर जब उन्होंने ध्यानपूर्वक निरीक्षण किया, तो उन्हें इसके प्राचीन वृक्ष जीवाश्म होने का संदेह हुआ. इसके बाद जिस संरचना पर वे बैठे थे, वह भी जांच में दूसरा वृक्ष जीवाश्म प्रतीत हुई.

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अंकित रंजन ने तत्काल इनके छायाचित्र पटना विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं जीवाश्म विशेषज्ञ डॉ. अतुल आदित्य पाण्डेय को भेजे, जिन्होंने दूरभाष पर चर्चा के दौरान इसकी महत्ता की पुष्टि की. इसके बाद संग्रहालय एवं पुरातत्व निदेशालय, बिहार के निदेशक श्री कृष्ण कुमार और भागलपुर की जिलाधिकारी महोदया को सूचित किया गया, जिन्होंने इसे तुरंत संग्रहालय में स्थानांतरित करने की स्वीकृति दी.

लखनऊ का बीरबल साहनी संस्थान करेगा वैज्ञानिक परीक्षण

जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में आज दोनों जीवाश्मों को अत्यंत सावधानीपूर्वक सैंडिस कंपाउंड से उठाकर भागलपुर संग्रहालय लाया गया. यहाँ उनका प्राथमिक संरक्षण (प्राइमरी कंजर्वेशन) कर उन्हें सुरक्षित रूप से रख दिया गया है, जो आम दर्शकों के अवलोकन के लिए भी उपलब्ध रहेंगे. अग्रेतर कार्यवाही की जानकारी देते हुए अंकित रंजन ने बताया कि देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज़ (BSIP), लखनऊ से औपचारिक पत्राचार कर इन जीवाश्मों के वैज्ञानिक परीक्षण का अनुरोध किया गया है.

इस परीक्षण के माध्यम से जीवाश्मों की अनुमानित आयु, संबंधित वृक्ष की प्रजाति, भूवैज्ञानिक काल और अन्य वैज्ञानिक विशेषताओं का निर्धारण किया जाएगा. यह वैज्ञानिक अध्ययन भागलपुर एवं आसपास के क्षेत्र के प्राचीन प्राकृतिक इतिहास, तत्कालीन वनस्पति (फ्लोरा), पर्यावरणीय परिस्थितियों तथा भूवैज्ञानिक संरचना को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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