East Singhbhum Malaria : पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है. गालूडीह थाना क्षेत्र की 14 वर्षीय छात्रा की मलेरिया से मौत के बाद जिले में इस बीमारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है. वहीं मंगलवार को हुई जांच में 83 नए संक्रमित मिले हैं. लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी अभियान तेज कर दिया है. दूसरी ओर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए 10 डॉक्टर समेत 27 स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शोकॉज जारी किया गया है.
मलेरिया से 14 वर्षीय किरण हांसदा की मौत
गालूडीह थाना क्षेत्र की हेंदलजुड़ी पंचायत के केंदडांगा टोला निवासी 14 वर्षीय किरण हांसदा की मलेरिया से मौत हो गई. वह राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, काकड़ीशोल में कक्षा आठवीं की छात्रा थी. स्वास्थ्य सहिया शुरुवाली मुर्मू ने बताया कि किरण धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में अपने रिश्तेदार के यहां रह रही थी. रविवार को परिजन उसे केंदडांगा लेकर आए थे.
रांची में 16 से 25 जुलाई तक बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था, कई मार्गों पर नो-एंट्री और रूट डायवर्जन
East Singhbhum Malaria : इलाज के दौरान झाड़ग्राम मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम
किरण के पिता काड़ो हांसदा ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर सोमवार को उसे घाटशिला स्थित स्वर्णरेखा नर्सिंग होम ले जाया गया. वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल पहुंचे, जहां सोमवार रात करीब आठ बजे उसकी मौत हो गई. अस्पताल के दस्तावेज में मृत्यु का कारण मलेरिया सेप्सिस दर्ज किया गया है.
जिले में अब तक 9 मौतें, मंगलवार को मिले 83 नए मरीज
मलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्विलांस, जांच, इलाज और वेक्टर नियंत्रण अभियान चला रहा है. मंगलवार को जिले में 11,362 लोगों की जांच की गई, जिसमें 83 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए. इसके साथ ही 29 जून से 14 जुलाई 2026 तक कुल 1,30,380 लोगों की जांच में 2,072 संक्रमित मिले हैं. जिले में अब तक मलेरिया से नौ लोगों की मौत हो चुकी है.
डुमरिया और पोटका में सबसे अधिक मिले मरीज
मंगलवार को सबसे अधिक 22-22 नए मरीज डुमरिया और पोटका प्रखंड में मिले. इसके अलावा घाटशिला में 10, मुसाबनी में 9, धालभूमगढ़ में 7, सदर अस्पताल में 7 और पटमदा में 6 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई. एमजीएम अस्पताल में फिलहाल मलेरिया के आठ मरीज भर्ती हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है.
बच्ची से दुष्कर्म के बाद पंचायत का फैसला, आरोपी पर 1 लाख का जुर्माना; 20 हजार से दावत
10 डॉक्टर समेत 27 स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई
मलेरिया और डेंगू नियंत्रण अभियान के बीच स्वास्थ्य केंद्रों से डॉक्टरों और कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने की शिकायत मिलने पर मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर औचक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक, शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा लक्ष्मीनगर और मानगो के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले.
इसके बाद 10 डॉक्टर, चार एएनएम, तीन लैब टेक्नीशियन, एक फार्मासिस्ट, एक जीएनएम, तीन सहायक कर्मचारी, एक होमगार्ड, दो एमपीडब्ल्यू और दो गार्ड समेत कुल 27 कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया गया. सभी से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सेवा समाप्ति की अनुशंसा की जाएगी.
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने कहा कि मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया के फैलाव के पीछे स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही भी एक बड़ा कारण है. ऐसे मामलों में जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
इसे भी पढ़ें-


