इस खबर में क्या है?
Bhagalpur News: महिला एवं बाल सुरक्षा को मजबूत बनाने और छात्र-छात्राओं को अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भागलपुर जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में शनिवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानव तस्करी, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा ‘पुलिस दीदी’ कार्यक्रम के उद्देश्यों और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.
कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक (विशेष अपराध) तथा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने छात्र-छात्राओं को मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूपों, उसके कारणों और अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों से अवगत कराया. अधिकारियों ने बताया कि रोजगार, शिक्षा, विवाह या अन्य प्रलोभनों के जरिए लोगों को मानव तस्करी के जाल में फंसाने की कोशिश की जाती है. विद्यार्थियों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या घटना की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें.
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‘पुलिस दीदी’ कार्यक्रम की उपयोगिता बताई
कार्यक्रम के दौरान ‘पुलिस दीदी’ पहल की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा कि इसका उद्देश्य विद्यालयों में सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार करना, बालिकाओं और बच्चों की समस्याओं का संवेदनशील समाधान उपलब्ध कराना तथा पुलिस और विद्यार्थियों के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करना है.
छात्र-छात्राओं को यह भी बताया गया कि यदि उनके साथ या उनके आसपास किसी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, लैंगिक हिंसा या अन्य अपराध की घटना होती है तो वे बिना किसी झिझक के पुलिस, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें.
साइबर अपराधों से बचने के बताए उपाय
जागरूकता कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया. विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर बुलिंग, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के खतरों के बारे में जागरूक किया गया. साथ ही महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस की आपातकालीन सेवाओं की जानकारी देकर जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया.
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, अधिकारियों ने दिए जवाब
कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने मानव तस्करी, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल अधिकार तथा पुलिस सहायता से जुड़े कई सवाल पूछे. पुलिस अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का सरल भाषा में समाधान किया और कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया.
भागलपुर पुलिस ने बताया कि विद्यालय स्तर पर ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और किशोरों को अपराधों के प्रति सजग बनाना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है. पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी जिले के विभिन्न विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे.


