Ranchi News : सड़क हादसे में जान गंवाने वाले ट्रक चालक की पत्नी को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने कर्मचारी क्षतिपूर्ति मामले में श्रम न्यायालय के पुराने आदेश में संशोधन करते हुए बीमा कंपनी को मुआवजे के साथ दुर्घटना की तारीख से ब्याज, 50 प्रतिशत जुर्माना और अंतिम संस्कार का खर्च भी देने का निर्देश दिया है.
यह मामला गिरिडीह के ट्रक चालक लक्ष्मण मंडल की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से जुड़ा है. उनकी पत्नी सुदामा देवी ने मुआवजे को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था.
जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम एक कल्याणकारी कानून है. ऐसे मामलों में यदि दुर्घटना के एक महीने के भीतर मुआवजे का भुगतान नहीं किया जाता है तो कानून के तहत ब्याज देना अनिवार्य है. परिस्थितियों के अनुसार जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
अदालत ने यह भी माना कि मृतक की विधवा को समय पर मुआवजा नहीं मिला. वर्ष 2014 में देवघर के श्रम न्यायालय ने जो आदेश पारित किया था, उसमें कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के इन महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विचार नहीं किया गया था.
इन्हीं तथ्यों को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने श्रम न्यायालय के आदेश में संशोधन किया और बीमा कंपनी को मुआवजे के साथ दुर्घटना की तारीख से ब्याज, 50 प्रतिशत जुर्माना तथा अंतिम संस्कार का खर्च भी देने का निर्देश दिया.

