इस खबर में क्या है?
Dharmendra Pradhan resigns : नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जारी देशव्यापी छात्र आंदोलन के बीच बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे प्रधानमंत्री को भेज दिया है. अपने पत्र में उन्होंने देश की युवा शक्ति, छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र की अखंडता को बनाए रखने का हवाला देते हुए इस बड़े कदम की मुख्य वजहें उजागर की हैं.
युवाशक्ति को किसी भी भ्रम के जाल में नहीं फंसने देंगे: प्रधान
इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे देश की लोकतांत्रिक ताकत और युवाओं के सपनों का सदैव सम्मान करते रहे हैं. पिछले 10 दिनों से चल रहे घटनाक्रम ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया है. उन्होंने लिखा कि वे देश की युवाशक्ति को किसी भी भ्रम के जाल में नहीं फंसने देंगे. जंतर-मंतर और देश भर के मौजूदा हालात का फायदा कोई राष्ट्रविरोधी तत्व न उठा सके, देश की एकता अक्षुण्ण रहे और भारत के किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी दांव-पेच में न उलझे, इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है.
Union Education Minister Dharmendra Pradhan resigns.
— ANI (@ANI) July 25, 2026
"…To ensure that anti-national elements are not benefitted by the situation at Jantar Mantar and across the country, that the nation remains united, students in India do not get tangled in legal complexities and focus on… https://t.co/sbtiMMhrgp pic.twitter.com/DPdZwn8q7i
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Dharmendra Pradhan resigns : परीक्षा पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
- NEET-UG परीक्षा विवाद पर दी सफाई: धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में कहा कि परीक्षा से जुड़े पूरे घटनाक्रम में सरकार ने हर स्तर पर त्वरित कार्रवाई की.
- गड़बड़ी सामने आते ही रद्द हुई परीक्षा: 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई. परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया गया और अगले साल से इसे पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने की घोषणा की गई.
- 21 जून को 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा: केंद्र, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के समन्वय से 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई.
- 16 जुलाई को घोषित हुए नतीजे: धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि परिणामों में आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अनेक प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की.
छात्रों को गुमराह करने और सुधार प्रक्रिया में अड़ंगा लगाने का प्रयास : धमेंद्र प्रधान
पूर्व शिक्षा मंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी ली थी. उनका एकमात्र मकसद यह सुनिश्चित करना था कि परीक्षा माफिया के कारण किसी भी योग्य छात्र का अहित न हो. हालांकि, इसके बावजूद कुछ जिम्मेदार पदों पर आसीन व्यक्तियों ने छात्रों को गुमराह करने और सुधार प्रक्रिया में अड़ंगा लगाने का प्रयास किया, जिससे उनका मन बहुत आहत हुआ है.
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युवाओं के सेवा कार्य में निरंतर समर्पित रहेंगे
चार दशकों से भी अधिक समय से शिक्षा क्षेत्र में अपने योगदान का जिक्र करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया. उन्होंने कैबिनेट के अपने सहयोगियों, वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों का भी शुक्रिया अदा किया. उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य है और वे भगवान श्री जगन्नाथ जी की कृपा से आगे भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा युवाओं के सेवा कार्य में निरंतर समर्पित रहेंगे.
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