JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) भर्ती घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अभय तिवारी के करीबी अरविंद कुमार और जेपीएससी के कर्मचारी सोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों की गिरफ्तारी सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 (22 जुलाई 2026) के तहत हुई है. अब जांच एजेंसी दोनों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई है.
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JPSC Scam: मुख्य आरोपी के करीबी तक पहुंची जांच
सीआईडी की जांच में मिले इनपुट के आधार पर अरविंद कुमार को हिरासत में लिया गया. जांच एजेंसी का दावा है कि वह मुख्य आरोपी अभय तिवारी का करीबी सहयोगी है. वहीं जेपीएससी कर्मचारी सोनू कुमार की भूमिका भी जांच के दायरे में आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया.
पूरे रैकेट का खुलासा करने में जुटी सीआईडी
सीआईडी और विशेष जांच दल (एसआईटी) दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं. अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से भर्ती परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े कई नए नाम सामने आ सकते हैं. जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही.
अधिकारी और बिचौलिए भी जांच के घेरे में
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरोह के तार कुछ अन्य अधिकारियों और बिचौलियों से जुड़े होने की आशंका है. इसी वजह से जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. सीआईडी का कहना है कि किसी भी संदिग्ध को बिना जांच के क्लीन चिट नहीं दी जाएगी.
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नए साक्ष्य मिलते ही होगी अगली कार्रवाई
सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है. जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे, वैसे-वैसे अन्य आरोपियों के खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. भर्ती घोटाले में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है.
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