इस खबर में क्या है?
Shatrugan Sinha Meets Lalu Yadav: Shatrugan Sinha Meets Lalu Yadav: शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के साथ उनकी दोस्ती पुरानी है. दोनों के बीच राजनीतिक रिश्ते से आगे पारिवारिक संबंध भी हैं. उन्होंने लालू यादव को देश का बड़ा और कद्दावर नेता बताया और कहा कि लोग उन्हें गरीबों का मसीहा मानते हैं.
‘पटना आता हूं तो लालू जी से मिलता हूं’
मुलाकात के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जब भी वह पटना आते हैं, लालू प्रसाद यादव से मुलाकात करते हैं. शनिवार को भी दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई.
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उन्होंने लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की सेहत और लंबी उम्र की कामना भी की.
प्रशांत किशोर के समर्थन से भी चर्चा में रहे हैं सिन्हा
लालू यादव से मुलाकात से पहले शत्रुघ्न सिन्हा बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर के समर्थन को लेकर भी चर्चा में रहे हैं. बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान उन्होंने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर का समर्थन किया था. उनकी जीत के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रशांत किशोर की तारीफ करते हुए पोस्ट किया था.
उन्होंने अपने पोस्ट में खुद को ‘बिहारी बाबू’ बताते हुए कहा था कि बांकीपुर में प्रशांत किशोर की शानदार जीत से आम जनता और बिहार के लोग बेहद खुश हैं. उन्होंने लिखा था कि प्रशांत किशोर के कारण बांकीपुर पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है.
Being a 'Bihari Babu' I must admit, that people in general & our people in Bihar are extremely happy with your grand/landslide magical win in Bankipur, Patna.
— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) August 5, 2026
Bankipur has become the most talked about place today in the country thanks to you @PrashantKishor. Your well deserved… pic.twitter.com/qNOlQZwA1O
शत्रुघ्न सिन्हा ने यह भी कहा था कि इस जीत से लोगों, खासकर युवा पीढ़ी में उत्साह आया है. उन्होंने प्रशांत किशोर को न केवल हीरो बल्कि बिहार का भविष्य बताया था और उम्मीद जताई थी कि वह जनता से किए गए वादों और उनकी अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे.
लालू से मुलाकात के दौरान तेजस्वी और तेज प्रताप नहीं थे
लालू प्रसाद यादव से शत्रुघ्न सिन्हा की मुलाकात के दौरान तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव दोनों मौजूद नहीं थे.
जानकारी के मुताबिक, तेजस्वी यादव राजनीतिक काम के सिलसिले में बाहर थे. वहीं तेज प्रताप यादव भी पटना से बाहर बताए गए.
इस वजह से शत्रुघ्न सिन्हा और लालू यादव के बीच ही लंबी बातचीत हुई.
मुलाकात को राजनीतिक रंग देने से सिन्हा ने किया इनकार
लालू यादव से मुलाकात के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने इसे किसी राजनीतिक समीकरण से जोड़ने से साफ इनकार किया. उन्होंने दोहराया कि लालू प्रसाद यादव के साथ उनका पुराना और पारिवारिक रिश्ता है.
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उन्होंने लालू यादव को देश का बड़ा नेता बताते हुए उनकी सराहना की और लालू यादव तथा राबड़ी देवी की अच्छी सेहत और लंबी उम्र की कामना की.
इस तरह शत्रुघ्न सिन्हा ने लालू यादव के आवास पर हुई मुलाकात को व्यक्तिगत बताया, जबकि बिहार की राजनीति में इस मुलाकात को लेकर चर्चा बनी हुई है.
सिर्फ पुरानी दोस्ती निभाने वाली मुलाकात थी, तो इतनी चर्चा क्यों?
पटना में हुई इस मुलाकात ने बिहार की सियासत का तापमान अचानक बढ़ा दिया है. मुलाकात लंबी चली, लेकिन बाहर आने के बाद सिन्हा ने इसे महज व्यक्तिगत मुलाकात बताया.
यहीं से सवाल खड़ा हो गया—अगर यह सिर्फ पुरानी दोस्ती निभाने वाली मुलाकात थी, तो इतनी चर्चा क्यों? और क्या बंद कमरे में हुई बातचीत में बिहार की राजनीति का कोई मुद्दा भी आया?
फिलहाल दोनों नेताओं की ओर से किसी राजनीतिक फैसले या नए समीकरण का संकेत नहीं दिया गया है. इसके बावजूद इस मुलाकात की टाइमिंग ने सियासी चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है.
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