Bihar Panchayat Chunav: बिहार में पंचायत व्यवस्था को नए ढांचे में तैयार करने की दिशा में सरकार ने बड़ा संकेत दिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में लगभग 7,500 की आबादी पर एक पंचायत बनाने की दिशा में काम होगा और पंचायती राज विभाग में अलग इंजीनियरिंग सेल विकसित किया जाएगा. इसके जरिए पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में मुखिया और जनप्रतिनिधियों को तकनीकी सहायता मिलेगी.
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पटना के ताज सिटी सेंटर में आयोजित ‘ग्राम संसद-बिहार चैप्टर-5’ मुखिया संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगला पंचायत चुनाव परिसीमन के बाद ही कराया जाएगा. साथ ही अगले वर्ष नगर निकायों में भी परिसीमन लागू कर पंचायत और नगर निकाय क्षेत्रों की स्पष्ट सीमा तय की जाएगी.
पटना में आयोजित 'ग्राम संसद- बिहार चैप्टर: मुखिया संवाद' का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण विकास और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर विचार-विमर्श हुआ।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) September 21, 2026
वर्ष 2037 तक समृद्ध एवं विकसित बिहार के लक्ष्य को साकार करने में ग्राम पंचायतों की भूमिका… pic.twitter.com/gC3xiSddXd
हर पंचायत में तकनीकी सहायता की होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग सेल बनने से पंचायतों को सड़क, भवन, पेयजल और अन्य विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेषज्ञ सहयोग मिलेगा. इससे स्थानीय स्तर पर योजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी दोनों बेहतर होंगी.
2037 तक विकसित बिहार का रोडमैप
सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2037 में बिहार अपनी स्थापना के 125 वर्ष पूरे करेगा. इस अवसर तक राज्य को समृद्ध, सशक्त और विकसित बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है. उन्होंने ग्राम संसद से पंचायतों के लिए राजस्व के नए स्रोत सुझाने की अपील भी की.
हर पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर काम
मुख्यमंत्री के अनुसार, सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत में 10 विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है. इनमें स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के रख-रखाव, रंगाई-पुताई और आधारभूत सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से बेहतर बनाया जा रहा है. जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सहयोग शिविर भी शुरू किए गए हैं.
हर महीने होगी ग्राम सभा की बैठक
सरकार ने हर माह के अंतिम रविवार को ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने की व्यवस्था शुरू की है. इससे वर्ष में कम-से-कम 12 बैठकें होंगी, जिनमें गांव के विकास, सड़क, जल, बिजली और अन्य स्थानीय मुद्दों पर निर्णय लिए जाएंगे. पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के साथ उनके नियमित रख-रखाव पर भी जोर दिया जाएगा.
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शिक्षा और रोजगार पर भी रखा फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बड़ी राशि राज्य से बाहर उच्च शिक्षा पर खर्च होती है. इसे देखते हुए राज्य में अधिक-से-अधिक निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिहार में ही मिल सके. उन्होंने 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य को भी दोहराया.
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