Palamu Karam Dali Visarjan Deaths : पलामू में करम पर्व की सुबह खुशियों की जगह मातम छा गया. अलग-अलग दो नदी हादसों में छह बच्चों की डूबने से मौत हो गयी. सबसे बड़ा हादसा चैनपुर के कोयल नदी में हुआ, जहां करम डाली विसर्जन के दौरान पांच बच्चे पानी में समा गये. वहीं पाटन की जिंजोई नदी में 17 वर्षीय किशोरी सिंपी कुमारी की जान चली गयी. दोनों घटनाओं के बाद गांवों में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
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Palamu Karam Dali Visarjan Deaths : एक बच्चे को बचाने उतरे, पांचों की चली गयी जान
चैनपुर थाना क्षेत्र के पतरिया खुर्द गांव से सटे बोकया गांव के पास बुधवार सुबह करीब छह बजे बच्चे करम डाली विसर्जन के लिए कोयल नदी पहुंचे थे. विसर्जन के दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया. उसे बचाने के लिए दूसरे बच्चे भी नदी में उतर गये, लेकिन तेज बहाव के कारण कोई भी खुद को संभाल नहीं सका और एक-एक कर पांच बच्चे डूब गये.
नदी किनारे मौजूद एक महिला ने बच्चों की चीख सुनी और शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया. बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने राहत प्रयास शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद चार बच्चों के शव बरामद कर लिये गये, जबकि एक बच्चे की तलाश जारी रही. सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में जुट गयी.
पाटन में सहेलियों संग गयी सिंपी भी नहीं लौटी
दूसरी घटना पाटन थाना क्षेत्र के हिसरा बरवाडीह के नानी झरिया गांव में हुई. दिलीप पासवान की 17 वर्षीय पुत्री सिंपी कुमारी बुधवार सुबह करीब 6:15 बजे सहेलियों के साथ करमा पर्व का झुर बहाने (विसर्जन) जिंजोई नदी गयी थी. इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गयी.
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ग्रामीणों ने उसे नदी से बाहर निकालकर तुरंत मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया. पाटन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है.
विधायक पहुंचे, मुआवजे की मांग
कोयल नदी हादसे की सूचना मिलते ही डालटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सांत्वना दी और कहा कि बच्चों की मौत की भरपाई कभी नहीं हो सकती. उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की.
दोनों हादसों के बाद करम पर्व मनाने वाले गांवों में उत्सव का माहौल पल भर में शोक में बदल गया है. परिजनों के विलाप से पूरा इलाका गमगीन है.
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