TMC Bank Accounts: तृणमूल कांग्रेस के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद फिलहाल टूट गई है. सरकारी बैंकों में पार्टी के चार बैंक खातों में जमा करीब 804 करोड़ रुपये के संचालन पर लगी रोक हटाने से अदालत ने इनकार कर दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि चारों खातों को ऑपरेट करने की अनुमति देने से उसके पहले के आदेश का उद्देश्य कमजोर पड़ सकता है.
गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि पहले जारी आदेश के तहत पार्टी को रोजमर्रा के खर्चों के भुगतान की व्यवस्था दी गई है. ऐसे में चारों खातों के संचालन की अलग से अनुमति देना पिछले आदेश को ही प्रभावहीन कर देगा.
कटवा-बैंडेल लोकल में छूटा ₹6.10 लाख का सामान, RPF ने सुरक्षित लौटाया बैग
804 करोड़ रुपये वाले खातों पर फिलहाल नहीं मिलेगी राहत
तृणमूल कांग्रेस के चारों खातों में करीब 804 करोड़ रुपये जमा हैं. इन खातों से लेनदेन पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने रोक लगा रखी है. पार्टी ने अदालत से इन खातों को दोबारा ऑपरेट करने की अनुमति देने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने फिलहाल यह राहत देने से इनकार कर दिया.
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद निर्धारित की है. इससे पहले मामले से जुड़े सभी पक्षों को अपना रुख स्पष्ट करते हुए हलफनामा दाखिल करना होगा.
पुराने आदेश को लेकर कोर्ट ने क्यों जताई चिंता?
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने अपने 9 जुलाई के आदेश का भी उल्लेख किया. इस आदेश में तृणमूल कांग्रेस के रोजमर्रा के खर्चों के भुगतान और निपटारे के लिए तीन अन्य बैंक खातों से जुड़ा काम देखने के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया था.
कोर्ट ने कहा कि जब पहले ही रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने की व्यवस्था की जा चुकी है, तो चारों खातों के संचालन की अनुमति देने के लिए नया आदेश जारी करने की जरूरत नहीं है. ऐसा करने पर पहले का आदेश त्रुटिपूर्ण नजर आएगा.
TMC ने खातों पर रोक को दी थी चुनौती
तृणमूल कांग्रेस ने सरकारी बैंकों में मौजूद इन चार खातों के संचालन पर लगी रोक को हटाने की मांग की थी. पार्टी की ओर से दलील दी गई कि जिन प्राथमिकी के आधार पर खातों पर रोक लगाई गई है, उनमें कुछ खामियां हैं.
भागीरथी और हजारदुयारी एक्सप्रेस के यात्रियों को राहत, भगवानगोला स्टेशन पर बदली व्यवस्था
भागीरथी और हजारदुयारी एक्सप्रेस के यात्रियों को राहत, भगवानगोला स्टेशन पर बदली व्यवस्था
पार्टी ने इसी आधार पर पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देते हुए खातों से लेनदेन की अनुमति देने की मांग की थी.
बंगाल सरकार बोली- पुलिस को जांच जारी रखने दें
मामले की सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया. राज्य सरकार ने अदालत से कहा कि आपराधिक मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई है और पुलिस को अपनी जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दी जानी चाहिए.
बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध थाने की ओर से जांच से संबंधित रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष पेश की गई.
पहले तीन खातों में 440 करोड़ रुपये पर लगी थी रोक
यह मामला केवल सरकारी बैंकों के चार खातों तक सीमित नहीं है. इससे पहले राज्य पुलिस ने एक निजी बैंक में तृणमूल कांग्रेस के तीन खातों से पैसे निकालने पर भी रोक लगा दी थी. इन तीनों खातों में करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं.
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने 7 जुलाई 2026 को साइबर प्रकोष्ठ की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. अब 804 करोड़ रुपये वाले चार खातों पर राहत नहीं मिलने के बाद मामले की अगली सुनवाई दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद होगी.
इसे भी पढ़ें-



