JSSC CGL Scam : सीआईडी ने एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई तेज कर दी है. परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच एजेंसी ने दिल्ली से दो आरोपियों सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है. वहीं, गिरिडीह के बेंगाबाद में छापेमारी कर परीक्षा में सफल एएसओ समीर उर्फ शालू को हिरासत में लिया गया है. जांच के दौरान सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय से भी कई दस्तावेज जब्त किए हैं.
दिल्ली में ठिकाने तक पहुंची सीआईडी, दो आरोपी गिरफ्तार
सीआईडी की टीम ने गुरुवार को सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को सेंट्रल दिल्ली के बुराड़ी थाना क्षेत्र स्थित संत नगर से गिरफ्तार किया. दोनों की गिरफ्तारी सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत की गई है. यह मामला 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ा है.
55 रुपये में हटिया से बानो का सफर, 1 सितंबर से रोज चलेगी नई ट्रेन
जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों आरोपी दिल्ली के संत नगर स्थित हाउस नंबर सी-81, अपर ग्राउंड फ्लोर, पर्वतीय अंचल में मिले.
सोमांश प्रकाश, भरत जी तिवारी का पुत्र है और मूल रूप से रोहतास जिले के विक्रमगंज स्थित अलकामिनी नगर का रहने वाला है. उसका पता मॉडर्न आईटीआईएएस कॉलेज रोड के पास बताया गया है. वहीं राहुल कुमार, संजय कुमार मिश्रा का पुत्र है और वैशाली जिले के महुआ स्थित चांदसराय का मूल निवासी है.
बेंगाबाद में मिठाई की दुकान से ASO हिरासत में
सीजीएल परीक्षा मामले में सीआईडी की कार्रवाई सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रही. रांची से पहुंची टीम ने गुरुवार 27 अगस्त की रात गिरिडीह जिले के बेंगाबाद में भी छापेमारी की.
इस दौरान चौक स्थित एक मिष्ठान भंडार से सीजीएल परीक्षा में सफल एएसओ समीर उर्फ शालू को हिरासत में लिया गया. बताया गया कि वह छुट्टी पर रांची से बेंगाबाद आया था और बाजार स्थित अपने प्रतिष्ठान में परिवार के लोगों के साथ मिठाई बेच रहा था.
सीआईडी ने समीर के घर की तलाशी के दौरान कुछ सामान और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. इसके अलावा अभय तिवारी का ससुराल भी बेंगाबाद के हथबोर गांव में होने की जानकारी सामने आई है.
अब 5% मार्जिन मनी खत्म, पहले जमा फीस भी वापस मिलेगी
JPSC के दस्तावेज भी जांच के दायरे में
सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच के दौरान सीआईडी की टीम जेपीएससी कार्यालय भी पहुंची. यहां से जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं. इनमें जेपीएससी परीक्षाओं में शामिल अभ्यर्थियों से संबंधित कागजात भी बताए जा रहे हैं.
अब इन दस्तावेजों को अभ्यर्थियों की ओर से जमा की गई ओएमआर शीट से मिलाया जाएगा. सीआईडी इस मिलान के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि दस्तावेजों और अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में किसी तरह की गड़बड़ी या असामान्यता तो नहीं है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पूर्व अधिकारियों और TDPL कर्मचारियों से भी पूछताछ
जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े कई अधिकारियों और कंपनी के कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई है. जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष, परीक्षा उपनियंत्रक और टीडीपीएल के कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है.
निलंबित परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता गुप्ता ने भी सीआईडी के सामने कई महत्वपूर्ण बातें रखी हैं. उनका आरोप है कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष ने कथित तौर पर दबाव डालकर टीडीपीएल को काम देने से संबंधित प्रस्ताव पर उनसे हस्ताक्षर कराए थे.
श्वेता गुप्ता ने यह भी बताया है कि वह कई मौकों पर टीडीपीएल के टिकट पर अपने परिवार के साथ बाहर गई थीं. सीआईडी इन आरोपों और इससे जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है.
परीक्षा से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही CID
दिल्ली से दो आरोपियों की गिरफ्तारी, बेंगाबाद में सफल अभ्यर्थी से पूछताछ और जेपीएससी से दस्तावेज जब्त किए जाने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है. सीआईडी अब परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े लोगों, दस्तावेजों और ओएमआर शीट के बीच कड़ियां तलाश रही है. आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है.
इसे भी पढ़ें-



