Shravan Mela 2026: श्रावणी मेला 2026 के दौरान पूर्व रेलवे ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने के लिए व्यापक परिचालन योजना और यात्री सुविधा व्यवस्था लागू की. 28 अगस्त 2026 तक रेलवे के छह प्रमुख रिपोर्टिंग स्टेशनों पर 75,21,710 श्रद्धालुओं को संभाला गया. यह संख्या 2025 के 68,04,716 श्रद्धालुओं की तुलना में 10.54 प्रतिशत अधिक है.
पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय के गतिशील नेतृत्व में मेला अवधि के दौरान स्टेशनों और मेला क्षेत्रों में सुरक्षा, यात्री सुविधा, चिकित्सा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया. महाप्रबंधक ने आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संग्रह मौर्य, हावड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विशाल कपूर, प्रधान विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रमुख स्टेशनों एवं मेला क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया.
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बासुकीनाथ, तारकेश्वर और देवघर में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
पूर्व रेलवे के अनुसार श्रद्धालुओं की संख्या में सबसे ज्यादा वृद्धि बासुकीनाथ में 24.67 प्रतिशत, तारकेश्वर में 19.91 प्रतिशत और देवघर में 15.45 प्रतिशत रही.

एक दिन में सर्वाधिक श्रद्धालु प्रबंधन के आंकड़ों में 3 अगस्त 2026 को तारकेश्वर में 1,59,108 श्रद्धालु और 17 अगस्त 2026 को जसीडीह में 92,898 श्रद्धालु शामिल रहे.
महाप्रबंधक गीतिका पांडेय ने प्रमुख स्टेशनों और मेला क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर उनकी वास्तविक समय की प्रतिक्रिया भी ली. इसका उद्देश्य तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना था.
Shravan Mela 2026: जसीडीह में 84,500 वर्ग फुट का होल्डिंग एरिया
भारी भीड़ के बीच यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए पूर्व रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों पर समर्पित होल्डिंग और असेंबली क्षेत्र तैयार किए.
इनमें जसीडीह में 84,500 वर्ग फुट, देवघर में 30,000 वर्ग फुट, बासुकीनाथ में 12,000 वर्ग फुट, बैद्यनाथधाम में 5,800 वर्ग फुट, सुल्तानगंज में करीब 1,700 वर्ग मीटर असेंबली/आगमन/अस्थायी क्षेत्र और तारकेश्वर में 1,480 वर्ग मीटर क्षेत्र शामिल है. तारकेश्वर में बनाए गए क्षेत्र की क्षमता 6,000 यात्रियों की है.

49 UTS और 28 ATVM से टिकट की सुविधा
बुकिंग कार्यालयों में भीड़ कम करने के लिए रेलवे ने UTS, ATVM और मोबाइल UTS के जरिए अतिरिक्त टिकटिंग सुविधाएं उपलब्ध कराईं.
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छह प्रमुख स्टेशनों पर कुल 49 UTS, 28 ATVM और 49 मोबाइल UTS काउंटर संचालित किए गए. इससे श्रद्धालुओं को टिकट लेने में अतिरिक्त सुविधा मिली और बुकिंग कार्यालयों पर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली.
309 CCTV और 890 RPF जवानों की तैनाती
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए छह स्टेशनों पर कुल 309 CCTV कैमरे लगाए गए. कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था के तहत सेवड़ाफुली में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा तारकेश्वर और सुल्तानगंज में वॉर रूम स्थापित किए गए.

विशेष मेला ड्यूटी के लिए कुल 890 RPF कर्मियों की तैनाती की गई. इनमें:
- तारकेश्वर: 410 RPF कर्मी
- सुल्तानगंज: 120 RPF कर्मी
- जसीडीह: 270 RPF कर्मी
- देवघर: 30 RPF कर्मी
- बैद्यनाथधाम: 15 RPF कर्मी
- बासुकीनाथ: 45 RPF कर्मी
शामिल रहे.
16 हजार से ज्यादा चिकित्सा मामलों में मदद
श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा, स्वच्छता और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाओं की भी व्यापक व्यवस्था की गई. रेलवे ने कुल 9 चिकित्सा सहायता बूथ और 9 एंबुलेंस तैनात कीं. इनके जरिए 16,063 चिकित्सा मामलों में सफलतापूर्वक सहायता प्रदान की गई.
इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर जल बूथ और वॉटर कूलर, पे-एंड-यूज शौचालय, मोबाइल बायो-टॉयलेट, दिव्यांगजन शौचालय और ‘मे आई हेल्प यू’ बूथ की व्यवस्था की गई.
मोबाइल बायो-टॉयलेट की व्यवस्था में तारकेश्वर में 20 मोबाइल बायो-टॉयलेट लगाए गए, जबकि जसीडीह, देवघर, बैद्यनाथधाम और बासुकीनाथ में उच्च क्षमता वाले मोबाइल यूनिट उपलब्ध कराए गए.
यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड और कोच इंडिकेशन बोर्ड डिस्प्ले के साथ स्टेशन स्तर पर यात्री मार्गदर्शन की व्यवस्था भी की गई.
2075 मेला स्पेशल ट्रेन ट्रिप से संभाली भीड़
श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन के लिए पूर्व रेलवे ने कुल 2,075 मेला स्पेशल ट्रेन ट्रिप संचालित किए.
रेलवे की परिचालन रणनीति में क्षमता बढ़ाने के साथ गहन निगरानी, स्टेशन वॉर रूम से मॉनिटरिंग, यात्री सूचना प्रणाली, चिकित्सा एवं स्वच्छता सहायता और अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं को एक साथ जोड़ा गया. इससे अधिक भीड़ वाले दिनों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित और सुचारु तरीके से संभालने में मदद मिली.
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि श्रावणी मेला 2026 का निर्बाध संचालन यात्री सुरक्षा, सुविधा और परिचालन दक्षता के प्रति पूर्व रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
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