Bhagalpur Flood Railway Alert: गंगा नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए पूर्व रेलवे ने भागलपुर रेलखंड पर हाई अलर्ट जारी किया है. कहलगांव-भागलपुर-जमालपुर सेक्शन के संवेदनशील पुलों और पटरियों पर 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी गई है, जबकि कई पुलों पर ट्रेनों की रफ्तार 20 से 30 किमी प्रति घंटा तक सीमित कर दी गई है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय के मार्गदर्शन में मालदा मंडल की इंजीनियरिंग टीम लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रही है. मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं.
किन रेलखंडों पर सबसे ज्यादा नजर
रेलवे ने गंगा किनारे स्थित दो प्रमुख समानांतर रेलखंडों को सबसे संवेदनशील श्रेणी में रखा है.
- कहलगांव-साबौर सेक्शन: किमी 276 से 296
- सुल्तानगंज-रतनपुर सेक्शन: किमी 335 से 350
रेल प्रशासन के अनुसार अधिकांश स्थानों पर बाढ़ का पानी बैकवॉटर के रूप में है और तेज धारा नहीं है. हालांकि लैलाख ममलखा-साबौर क्षेत्र में विशेष निगरानी जारी है.
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न पुलों पर लागू हुई कॉशन स्पीड
भारतीय रेलवे ब्रिज मैनुअल के प्रावधानों के तहत कई पुलों पर एहतियाती गति प्रतिबंध लागू किए गए हैं.
| ब्रिज संख्या | अधिकतम गति |
|---|---|
| 130, 135, 144A, 181, 188, 195, 197, 198 | 30 किमी/घंटा |
| 145A | 20 किमी/घंटा |
रेलवे का कहना है कि जलस्तर सामान्य होने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा.
मुंगेर और भागलपुर में खतरे से ऊपर गंगा
केंद्रीय जल आयोग के 8 सितंबर 2026 सुबह 6 बजे के आंकड़ों के अनुसार गंगा दोनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
| स्थान | जलस्तर | खतरे से ऊपर |
|---|---|---|
| मुंगेर | 40.08 मीटर | +0.75 मीटर |
| भागलपुर | 34.60 मीटर | +0.92 मीटर |
आयोग के ट्रेंड के मुताबिक इलाहाबाद, वाराणसी, बक्सर, पटना और मुंगेर में जलस्तर घट रहा है, जबकि बरियारपुर, कल्याणपुर और भागलपुर में मध्यम गति से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.
रेलवे ने लागू की 24×7 सुरक्षा योजना
पूर्व रेलवे ने पूरे कहलगांव-जमालपुर रेलखंड में बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की है.
- संवेदनशील पुलों पर स्थायी वॉचमैन की 24 घंटे तैनाती
- पूरे बाढ़ प्रभावित सेक्शन में पेट्रोलमैन द्वारा पैदल गश्त
- हर घंटे जलस्तर की रिकॉर्डिंग
- केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों की हर चार घंटे में समीक्षा
- ट्रॉली, फुटप्लेट और पैदल निरीक्षण के साथ रात्रिकालीन जांच अनिवार्य
इसके अलावा मुख्य पुल इंजीनियर और मुख्य इंजीनियर समेत वरिष्ठ अधिकारी भागलपुर में कैंप कर रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल निर्णय लिया जा सके.
आपात स्थिति के लिए पूरी तैयारी
रेलवे ने बरियारपुर में मानसून रिजर्व सामग्री, मशीनरी और पर्याप्त मानवबल तैयार रखा है. संवेदनशील स्थानों पर तटबंध सुरक्षा, सेस चौड़ीकरण और बल्ला पाइलिंग का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है.
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि बाढ़ का पानी पुलों के बेयरिंग लेवल के करीब पहुंचता है या तेज धारा एवं स्कॉर की स्थिति बनती है, तो आवश्यकता पड़ने पर रेल यातायात को नियंत्रित या अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है.
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि वर्तमान में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूरे रेलखंड में इंजीनियरिंग दल और वरिष्ठ अधिकारी चौबीसों घंटे निगरानी बनाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि गति प्रतिबंध, लगातार गश्त और आपात संसाधनों की तैनाती जैसे सभी सुरक्षा उपाय पहले से सक्रिय हैं, ताकि यात्री सुरक्षित और निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें.
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