Flood Relief Camp: बाढ़ की वजह से राहत शिविर में रह रहे लोगों को अब आपदा के बाद अपनी आजीविका दोबारा खड़ी करने के लिए भी तैयार किया जा रहा है. भागलपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित बाढ़ राहत शिविर में यूको आरसेटी, भागलपुर ने जिला प्रशासन के सहयोग से स्वरोजगार और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें इच्छुक लोगों को गाय पालन और बकरी पालन को आय के साधन के रूप में अपनाने की जानकारी दी गई.
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य राहत शिविर में रह रहे लोगों को उनकी स्थानीय परिस्थितियों और रुचि के मुताबिक ऐसे काम से जोड़ना है, जिसे वे भविष्य में स्वरोजगार के रूप में अपना सकें. कार्यक्रम के दौरान पशुपालन शुरू करने से लेकर उससे होने वाली आमदनी और बाजार तक पहुंच बनाने से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई.
नवगछिया में शंकरपुर का 100 साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर गंगा में समाया, कटाव ने मिटाई धार्मिक विरासत
पशुपालन को बनाया गया स्वरोजगार का विकल्प
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को गाय और बकरी पालन की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया गया. इसमें पशुओं के लिए उपयुक्त आवास, अच्छी नस्ल का चुनाव, संतुलित आहार और पोषण के साथ स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष जानकारी दी गई.
इसके अलावा टीकाकरण, साफ-सफाई और प्रजनन प्रबंधन जैसे पहलुओं को भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया. प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि पशुपालन से किस तरह नियमित आय हासिल की जा सकती है और उत्पादों के लिए बाजार से कैसे जुड़ा जा सकता है.
बैंक से लोन लेकर शुरू कर सकते हैं काम
कार्यक्रम में यूको आरसेटी, भागलपुर के निदेशक आनंद कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता से जुड़ी जानकारी दी. उन्होंने स्वरोजगार शुरू करने के लिए उपलब्ध बैंकिंग सुविधाओं और ऋण योजनाओं के बारे में बताया.
उन्होंने बचत, वित्तीय प्रबंधन और छोटे उद्यम को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए जरूरी बातों पर भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया. इसका उद्देश्य लोगों को सिर्फ प्रशिक्षण देने के बजाय स्वरोजगार शुरू करने के लिए वित्तीय व्यवस्था की जानकारी देना भी था.
प्रशिक्षण में पशुपालन की तकनीकी जानकारी
डोमेन स्किल ट्रेनर आकाश कुमार ने प्रतिभागियों को गाय और बकरी पालन के व्यावहारिक एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी. प्रशिक्षण के दौरान पशुओं की देखभाल से लेकर उनके स्वास्थ्य और बेहतर उत्पादन से जुड़े जरूरी उपायों को समझाया गया.
प्रतिभागियों को पशुओं की सही देखभाल, समय पर टीकाकरण और स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में भी बताया गया.
बाढ़ के बाद आजीविका मजबूत करने पर जोर
इस पहल का उद्देश्य बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे जरूरतमंद लोगों को आपदा की स्थिति में भी भविष्य की आजीविका के विकल्पों से जोड़ना है. प्रशिक्षण के जरिए उन्हें ऐसा कौशल देने की कोशिश की जा रही है, जिससे राहत शिविर से बाहर निकलने के बाद वे अपने स्तर पर रोजगार या छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें.
यूको आरसेटी, भागलपुर की ओर से ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों को कौशल विकास, बैंकिंग सेवाओं तथा स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जा रहे हैं.
इसे भी पढ़ें-


