Delhi-NCR Pollution GRAP-2 : दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सख्त कदम उठाया है. वायु गुणवत्ता की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी Stage-II को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
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इसके साथ ही होटल-रेस्तरां में कोयले और लकड़ी से चलने वाले तंदूर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है. निजी वाहनों की आवाजाही कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने का भी फैसला किया गया है.
The Commission for Air Quality Management (CAQM) has invoked Stage II of the Graded Response Action Plan (GRAP) across Delhi-NCR with immediate effect following a sharp rise in the region’s pollution levels.Under Stage II restrictions, a strict ban has been imposed on the use of coal and firewood, including tandoors in hotels and restaurants, alongside heavily regulated operations for diesel generator sets. Additionally, parking fees will be increased to discourage private vehicle use, while civic bodies step up mechanical sweeping and water sprinkling with dust suppressants across NCR roads.
— ANI (@ANI) November 2, 2026
होटल-रेस्तरां के तंदूर पर भी प्रतिबंध
GRAP-2 के तहत कोयले और जलाऊ लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई गई है. इसका सीधा असर होटल और रेस्तरां पर भी पड़ेगा. अब यहां कोयले या लकड़ी से चलने वाले तंदूर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन के उपयोग को रोकना इस फैसले का प्रमुख हिस्सा है.
निजी गाड़ियों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने की तैयारी
प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीजल जनरेटर सेट के इस्तेमाल पर सख्ती की गई है. वहीं, निजी वाहनों की संख्या कम करने के उद्देश्य से पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा. इस कदम के जरिए लोगों को निजी गाड़ियों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना है.
मशीनों से होगी सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव बढ़ेगा
धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए NCR के स्थानीय निकायों को सड़कों की मैकेनिकल सफाई तेज करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही सड़कों पर नियमित रूप से पानी और धूल दबाने वाले रसायनों का छिड़काव बढ़ाया जाएगा. GRAP-2 के तहत इन उपायों को लागू कर प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जाएगी.
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