बिहार रेजीमेंट सेंटर में 63वीं राष्ट्रीय राइफल्स का स्थापना दिवस, गौरवशाली योगदान को किया गया याद

63वीं RR स्थापना दिवस
बिहार रेजीमेंट सेंटर में मनाया गया 63वीं राष्ट्रीय राइफल्स का स्थापना दिवस.

Bihar Regiment Centre : बिहार रेजीमेंट सेंटर में मंगलवार को 63वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन का 22वां स्थापना दिवस उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2004 में स्थापित इस बटालियन की अब तक की यात्रा, राष्ट्र की सुरक्षा के लिए किए गए योगदान और कठिन अभियानों में निभाई गई जिम्मेदारियों का उल्लेख किया गया. समारोह में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बटालियन के वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई.

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विशेष अभियानों के लिए हुआ था गठन

63वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन की स्थापना 30 जून 2004 को कर्नल आनंद भूषण के नेतृत्व में की गई थी. इस यूनिट को जम्मू-कश्मीर में काउंटर इंसर्जेंसी और काउंटर टेररिज्म अभियानों के लिए तैयार किया गया. बिहार रेजीमेंट के अंतर्गत गठित यह चौथी राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन है. इसी वजह से सैन्य क्षेत्र में इसे ‘द फोर्थ डाइमेंशन’ के नाम से भी पहचान मिली.

साहसिक अभियानों के लिए मिल चुके हैं सम्मान

जम्मू-कश्मीर में विभिन्न तैनातियों के दौरान बटालियन ने आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के साथ-साथ कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई. इन अभियानों में जवानों ने साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए. उत्कृष्ट सेवाओं और वीरता के लिए बटालियन तथा इसके सैनिकों को समय-समय पर अनेक वीरता पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए हैं.

वीर स्मृति स्थल पर आयोजित हुआ श्रद्धांजलि समारोह

स्थापना दिवस के अवसर पर बिहार रेजीमेंट सेंटर स्थित वीर स्मृति स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. यहां देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 63वीं राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन के शहीद सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनके अदम्य साहस को नमन किया गया.

समारोह में बिहार रेजीमेंट के कमांडेंट ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा, लेफ्टिनेंट कर्नल आर.सी. खोत, सूबेदार मेजर नारायण प्रधान सहित बड़ी संख्या में जेसीओ और जवान शामिल हुए. सभी ने बटालियन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रसेवा के संकल्प को दोहराया.

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नया मकान बनवाने की तैयारी है? निर्माण शुरू करने से पहले इन 5 बातों पर जरूर करें विचार

New House Vastu
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New House Vastu Tips: नए घर का निर्माण शुरू करने से पहले लोग आमतौर पर नक्शा, खर्च और कमरों की योजना तय करते हैं. इसके साथ कई परिवार वास्तु से जुड़ी मान्यताओं को भी ध्यान में रखते हैं. उनका मानना है कि घर की कुछ जगहों का सही चयन रहने के माहौल को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकता है. अगर आप भी नया मकान बनवा रहे हैं, तो निर्माण शुरू करने से पहले इन पांच बातों की जानकारी रखना उपयोगी माना जाता है.

घर की शुरुआत प्लॉट के चुनाव से होती है

वास्तु मान्यताओं में जमीन की दिशा को महत्व दिया गया है. उत्तर और पूर्व दिशा की ओर स्थित प्लॉट को कई लोग प्राथमिकता देते हैं. वहीं दक्षिण दिशा वाले प्लॉट को चुनने से बचने की सलाह दी जाती है.

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प्रवेश द्वार की दिशा पर भी दिया जाता है जोर

मुख्य दरवाजा ऐसी जगह होना चाहिए, जहां से घर में आने-जाने में सुविधा रहे. वास्तु के अनुसार उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा को प्रवेश द्वार के लिए उपयुक्त माना जाता है. वहीं दक्षिण और पश्चिम के बीच वाले हिस्से में मुख्य द्वार बनाने की सलाह नहीं दी जाती.

New House Vastu Tips: शौचालय की जगह पहले से तय करना बेहतर

घर का नक्शा बनाते समय टॉयलेट की स्थिति भी पहले तय करने की बात कही जाती है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य प्रवेश द्वार के सामने, घर के मध्य भाग या उत्तर-पूर्व दिशा में शौचालय नहीं होना चाहिए. इसके लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा को बेहतर माना जाता है.

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सीढ़ियां और सर्वेंट रूम के लिए भी बताई गई है अलग दिशा

यदि घर में नौकर के रहने के लिए कमरा बनाया जा रहा है तो उसे उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखने की सलाह दी जाती है. इसी तरह घर के बीचों-बीच सीढ़ियां बनाना भी उचित नहीं माना जाता. दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा को इसके लिए उपयुक्त बताया गया है.

लिफ्ट की लोकेशन भी पहले तय करें

बहुमंजिला मकान में लिफ्ट लगाने की योजना हो तो उसकी जगह पहले से तय करना जरूरी माना जाता है. वास्तु के अनुसार उत्तर दिशा में लिफ्ट लगाने से बचने की सलाह दी जाती है, जबकि उत्तर-पश्चिम दिशा को इसके लिए बेहतर माना गया है.

वास्तु मान्यताओं के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र भारतीय परंपरा का हिस्सा है और अनेक लोग घर बनाते समय इसकी मान्यताओं का पालन करते हैं. हालांकि इन मान्यताओं की पुष्टि करने वाला कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. इसलिए घर के निर्माण के दौरान मजबूत ढांचा, पर्याप्त धूप, अच्छी हवा और सुरक्षा जैसी आवश्यक बातों पर भी बराबर ध्यान देना चाहिए.

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भागलपुर को मिले 11.66 करोड़, फिर भी नहीं बना अंतरराज्यीय बस स्टैंड, जाम से नहीं मिल रही राहत

Bhagalpur Bus Stand
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Bhagalpur Bus Stand : भागलपुर में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस स्टैंड का निर्माण अब भी कागजों से आगे नहीं बढ़ पाया है. परियोजना के लिए 18 फरवरी 2025 को 11 करोड़ 66 लाख 36 हजार रुपये उपलब्ध करा दिए गए थे, लेकिन एक वर्ष चार महीने बाद भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है. इसके चलते यात्रियों को आधुनिक बस स्टैंड की सुविधा मिलने का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है.

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बस स्टैंड के बदलते ठिकाने से नहीं मिली स्थायी राहत

शहर में बस परिचालन व्यवस्था भी लगातार बदलती रही है. पहले बस स्टैंड को रिक्शाडीह स्थानांतरित किया गया था, जिससे लोगों को उम्मीद थी कि शहर में यातायात का दबाव कम होगा. बाद में बसों का संचालन फिर कोयला डिपो से शुरू कर दिया गया. इस बदलाव के बाद शहर में जाम की समस्या एक बार फिर बढ़ गई और लोगों को पहले जैसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

Bhagalpur Bus Stand : यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा सीधा असर

अंतरराज्यीय बस स्टैंड का निर्माण लंबित रहने का असर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है. मौजूदा बस संचालन व्यवस्था के कारण प्रमुख सड़कों पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है. इसका प्रभाव केवल बस यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को भी समय की बर्बादी और आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

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जमीन मिलने के बाद ही आगे बढ़ेगी योजना

प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस स्टैंड तैयार होने के बाद बसों के परिचालन के लिए एक व्यवस्थित केंद्र उपलब्ध हो सकता है, जिससे शहर के यातायात दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी. हालांकि, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण परियोजना फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रही है. ऐसे में लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कब पूरी होगी और लंबे समय से लंबित यह योजना आखिरकार कब शुरू हो सकेगी.

महत्वपूर्ण बातें

  • 18 फरवरी 2025 को परियोजना के लिए 11.66 करोड़ रुपये जारी किए गए थे.
  • एक वर्ष चार महीने बाद भी भूमि अधिग्रहण पूरा नहीं हो सका.
  • जमीन नहीं मिलने से अंतरराज्यीय बस स्टैंड का निर्माण शुरू नहीं हुआ.
  • रिक्शाडीह से बस स्टैंड वापस कोयला डिपो आने के बाद शहर में जाम की समस्या फिर बढ़ गई.
  • प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित होने से आम लोगों को परेशानी हो रही है.
  • बस स्टैंड बनने के बाद शहर में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है.
  • फिलहाल परियोजना भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है.

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धनबाद : डीसी के निर्देश पर विशेष जांच, विद्यालयों में भोजन और पेयजल व्यवस्था की हो रही पड़ताल

शहीद शक्तिनाथ महतो जयंती समारोह की तैयारी
सांकेतिक तस्वीर.

Dhanbad News: धनबाद जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों में सोमवार से विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया गया. उपायुक्त आदित्य रंजन ने राज्य सरकार के निर्देश के बाद अधिकारियों को सभी आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की गहन जांच करने का आदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

हर स्तर पर व्यवस्थाओं की हो रही जांच

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर, कक्षाएं, रसोईघर, भंडारण कक्ष और भोजन तैयार करने वाले कर्मियों की स्वच्छता की जांच की गई. अधिकारियों ने भोजन बनाने से लेकर उसे छात्राओं तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया. साथ ही चावल, दाल, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पैकिंग तथा उनकी वैधता अवधि भी देखी गई. उपायुक्त ने कहा कि यदि कहीं खराब या एक्सपायर खाद्य सामग्री पाई गई तो संबंधित वेंडर और विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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पेयजल व्यवस्था को लेकर दिए गए अलग निर्देश

सभी विद्यालयों में चापाकल, जलमीनार और आरओ सिस्टम की सफाई कराने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा पेयजल स्रोतों की नियमित ब्लीचिंग और पानी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराने को भी कहा गया है. अधिकारियों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि छात्राओं को केवल सुरक्षित और शुद्ध पेयजल ही उपलब्ध कराया जाए.

भोजन तैयार करने के दौरान बरतनी होगी अतिरिक्त सावधानी

निरीक्षण के दौरान रसोईघर की स्वच्छता, ड्रेनेज व्यवस्था और बर्तनों की सफाई का भी परीक्षण किया गया. रसोइयों को साफ कपड़े और हेडकैप पहनकर भोजन बनाने, तैयार भोजन को ढककर रखने तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार ताजा, गर्म और पौष्टिक भोजन परोसने के निर्देश दिए गए. साथ ही किसी भी स्थिति में बासी भोजन का उपयोग नहीं करने को कहा गया.

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गढ़वा की घटना के बाद बढ़ाई गई सतर्कता

यह अभियान गढ़वा जिले के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दूषित भोजन और पानी से छात्राओं के बीमार होने की घटना के बाद शुरू किया गया है. इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है.

नियमित निगरानी के आदेश

उपायुक्त आदित्य रंजन ने संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर औचक निरीक्षण जारी रखने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि भोजन या पेयजल की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित वेंडर, विद्यालय प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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साहिबगंज में सादगी से मनाया जाएगा 171वां हूल दिवस, बड़े आयोजन की नहीं मिली अनुमति

Hool Diwas Bhognadih
साहिबगंज में सिद्धू कान्हू की मूर्ति(फाइल फोटो)

Hool Diwas 2026: साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड स्थित भोगनाडीह में 30 जून को संताल हूल आंदोलन की 171वीं वर्षगांठ शांतिपूर्ण और सादगीपूर्ण तरीके से मनाई जाएगी. जिला प्रशासन ने इस बार किसी भी बड़े, भव्य या राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है. प्रशासन की ओर से शहीदों के सम्मान में विभिन्न स्थानों पर बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं, ताकि लोग शांतिपूर्वक समारोह में शामिल होकर हूल आंदोलन के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें.

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वीर शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान हूल आंदोलन के नायक सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगना फूलो-झानो सहित अन्य शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया जाएगा. इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे.

Hool Diwas 2026 : बड़े आयोजन की अनुमति नहीं मिली

अमर शहीद सिद्धो-कान्हू के प्रत्यक्ष वंशज मंडल मुर्मू ने इस वर्ष भी परंपरागत रूप से बड़े आयोजन की अनुमति देने का अनुरोध प्रशासन से किया था. इसके लिए लिखित आवेदन भी दिया गया, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी. प्रशासन और आयोजकों के बीच बनी सहमति के अनुसार इस बार समारोह पारंपरिक और सीमित स्वरूप में आयोजित होगा. कार्यक्रम के दौरान हूल आंदोलन के इतिहास और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए शहीदों के योगदान को याद किया जाएगा तथा लोगों से उनके आदर्शों का अनुसरण करने की अपील की जाएगी.

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पिछले वर्ष की घटना के बाद बढ़ाई गई सतर्कता

प्रशासन ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया है. वर्ष 2025 के हूल दिवस समारोह के दौरान भोगनाडीह में मारपीट, हंगामे और भगदड़ की घटना हुई थी. उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर लाठियों से हमला किया गया था और तीर भी चलाए गए थे. इसी घटना को देखते हुए इस वर्ष किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेने का निर्णय लिया गया है.

भोगनाडीह और बरहेट क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है. साथ ही ड्रोन कैमरों और खुफिया तंत्र की मदद से पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि विधि-व्यवस्था बनी रहे.

बाबुपुर में भी होगा श्रद्धांजलि कार्यक्रम

भोगनाडीह के अलावा बाबुपुर स्थित उस स्थान पर भी माल्यार्पण किया जाएगा, जहां अंग्रेजी शासन के दौरान सिद्धो और कान्हू को फांसी दी गई थी. उल्लेखनीय है कि 30 जून 1855 को भोगनाडीह से सिद्धो-कान्हू के नेतृत्व में अंग्रेजी शासन और महाजनी व्यवस्था के खिलाफ संताल हूल आंदोलन की शुरुआत हुई थी. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से समारोह में भाग लेने की अपील की है.

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झारखंड में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून.
सांकेतिक तस्वीर

Jharkhand Weather Update: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से सक्रिय हो गया है. सोमवार से राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है और मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 जुलाई तक पूरे झारखंड में मानसून पहुंच जाएगा. बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है. हालांकि, वज्रपात की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है. अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई.

कई जिलों में हुई अच्छी बारिश, तापमान में आई गिरावट

पिछले चार दिनों से लू की चपेट में रहे मेदिनीनगर में सोमवार को 40 मिमी वर्षा दर्ज की गई. वहीं बोकारो में 15 मिमी और रांची में 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. वर्षा के बाद रात के तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया.

Jharkhand Weather Update: वज्रपात से तीन लोगों की गई जान

बारिश के दौरान अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं. गढ़वा जिले के विशुनपुरा प्रखंड स्थित कोचिया गांव में रमेश कुमार मेहता (20) की मौत हो गई. लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड के गणेशपुर गांव में तिजनी देवी (45) और हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड के खुटरा गांव में शोभा देवी (37) की भी वज्रपात की चपेट में आने से जान चली गई.

कई राज्यों में बारिश का दौर तेज होने के संकेत, पहाड़ों से लेकर पूर्वोत्तर तक अलर्ट

30 जून के लिए जारी हुआ अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने 30 जून को रांची, खूंटी, रामगढ़, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, धनबाद और जामताड़ा में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों के लिए भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही वज्रपात की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.

1 जुलाई को भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को रांची, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भारी बारिश हो सकती है. इन जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा. अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है.

मौसम विभाग ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि बारिश, गरज और वज्रपात के समय खुले मैदान, खेत, पेड़ तथा बिजली के पोल के पास जाने से बचें और सुरक्षित स्थान पर ही रहें.

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रांची में 2 दिन प्रभावित रहेगी जलापूर्ति, अधिकांश इलाकों में पानी की किल्लत के आसार

Ranchi Water Supply
सांकेतिक तस्वीर

Ranchi Water Shortage: रांची में रहने वाले लोगों को अगले दो दिनों तक पेयजल आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जानकारी दी है कि मरम्मत कार्य के कारण शहर के करीब 80 प्रतिशत हिस्से में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी. विभाग ने लोगों को पहले से आवश्यक पानी का इंतजाम करने की सलाह दी है.

जुमार पुल के पास होगा मरम्मत कार्य

पेयजल एवं स्वच्छता स्वर्णरेखा शीर्षकार्य प्रमंडल, रांची के कार्यपालक अभियंता के अनुसार, रूक्का शहरी जलापूर्ति योजना के अंतर्गत जुमार पुल के समीप राइजिंग पाइप लाइन की मरम्मत की जाएगी. विभाग का कहना है कि पाइप लाइन की मरम्मत जरूरी होने के कारण कुछ समय के लिए जलापूर्ति रोकने का निर्णय लिया गया है.

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इन दो दिनों तक रहेगी जलापूर्ति बाधित

मरम्मत कार्य के चलते रूक्का जलशोध संस्थान से 1 जुलाई 2026 और 2 जुलाई 2026 को पानी की आपूर्ति नहीं हो सकेगी. इसका असर शहर के अधिकांश क्षेत्रों पर पड़ेगा और बड़ी आबादी को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है.

विभाग ने की यह अपील

विभाग ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि दोनों दिनों की जरूरत को देखते हुए पहले से पानी का पर्याप्त भंडारण कर लें. साथ ही जलापूर्ति बाधित होने से होने वाली असुविधा के लिए विभाग ने खेद भी जताया है.

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पलामू में एक परिवार के पांच लोगों की मौत पर सरकार सख्त, उच्चस्तरीय जांच के निर्देश

Palamu Family Death
मारीज का जायजा लेते वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और ग्रामीण

Palamu Family Death Case: पलामू जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है. घटना को गंभीर मानते हुए झारखंड सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा है. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उपचाराधीन लाखो देवी के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए. यदि जरूरत पड़ी तो उन्हें राज्य सरकार के खर्च पर देश के किसी भी बड़े अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. घटना पर दुख जताते हुए मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने को भी कहा है.

रिम्स में हुई समीक्षा, डॉक्टरों के साथ मंत्री की बैठक

मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ रिम्स पहुंचे. वहां उन्होंने भर्ती मरीजों की स्थिति की जानकारी ली. इसके बाद 11 सदस्यीय चिकित्सकीय टीम के साथ आपात बैठक कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की. बैठक में डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि इलाज के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए.

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इलाज के बीच बढ़ती गई मृतकों की संख्या

रहस्यमयी बीमारी की चपेट में आने के बाद परिवार के तीन सदस्यों को गंभीर हालत में रिम्स में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान पहले श्वेता और नकुल की मौत हो गई. इसके बाद सोमवार को अज्ञात बीमारी से पीड़ित परिवार के एक अन्य सदस्य ने भी दम तोड़ दिया. इस घटना में अब तक परिवार के पांच लोगों की जान जा चुकी है. लगातार हो रही मौतों के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है.

डॉक्टरों ने कैपिलरी लीक सिंड्रोम की जताई आशंका

रिम्स ट्रॉमा सेंटर के विभागाध्यक्ष डॉ. पीके भट्टाचार्य ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि मामला कैपिलरी लीक सिंड्रोम का हो सकता है. इस बीमारी में शरीर की खून की नलिकाएं लीक होने लगती हैं, जिससे रक्त मांसपेशियों और त्वचा तक फैल जाता है. इसके कारण मरीज के हाथ-पैर सूज जाते हैं. बाद में किडनी और फेफड़े काम करना बंद कर सकते हैं और अंततः दम घुटने से मरीज की मौत हो सकती है.

मौत की वजह तलाशने में कई बिंदुओं पर जांच

घटना के बाद अंधविश्वास और ओझा द्वारा दिए गए भभूत के सेवन की आशंका भी सामने आई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने मौत की वजह को लेकर दूसरी संभावना जताई है. मृतकों की मां लाखो देवी ने बताया कि परिवार अपने खेत में उगाई गई सरसों से निकाले गए तेल का उपयोग करता था. इसके आधार पर चिकित्सकों को संदेह है कि सरसों की फसल में आर्जीमोन मेक्सिकाना नामक जहरीला पौधा मिल गया होगा. देखने में यह पौधा सरसों जैसा होता है, लेकिन इसका तेल धीमे जहर की तरह शरीर पर असर करता है और सीधे रक्त नलिकाओं, किडनी तथा फेफड़ों को प्रभावित करता है.

तेल जब्त, फोरेंसिक जांच और विसरा परीक्षण होगा

मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए प्रशासन ने पीड़ित परिवार के घर से सरसों का तेल जब्त कर लिया है. अब इसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी. वहीं, श्वेता और नकुल के शवों का विसरा भी सुरक्षित रखा गया है, ताकि जांच के बाद मौत की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके.

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Video : ‘जो हमारे पानी पर हाथ डालेगा, उसका हाथ काट डालेंगे’, पाकिस्तान के मंत्री की भारत को धमकी

Pakistan Minister Video
मिनिस्टर मुसादिक मलिक (Photo: X)

Video : सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी विवाद के बीच पाकिस्तान के क्लाइमेट चेंज मिनिस्टर ने तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि संधि के तहत पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर दावा करने या उसे छीनने की कोशिश करने वालों के हाथ काट दिए जाएंगे. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच जल बंटवारे को लेकर तनाव बना हुआ है.

पहलगाम हमले के बाद बढ़ा विवाद

2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का निर्णय लिया था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर विवाद और तेज हो गया है.

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संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के जल अधिकारों को प्रभावित करने या उसके हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की गई, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

इसी दौरान क्लाइमेट चेंज मिनिस्टर मलिक ने कहा कि पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के हाथ में पानी का नल है और वह कह रहे हैं कि पाकिस्तान में एक बूंद पानी भी नहीं जाने देंगे.

पाकिस्तानी अखबार Dawn के अनुसार, मलिक ने भारत पर सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए यह टिप्पणी की. उनके बयान का वीडियो भी सामने आया है.

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Video: सेशेल्स के गणेश मंदिर में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, पूजा-अर्चना का वीडियो आया सामने

PM Modi Ganesh Puja
सेशेल्स के गणेश मंदिर में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी.

Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स दौरे के दौरान राजधानी विक्टोरिया में स्थित अरुल मिहू नवशक्ति विनयगर मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन किए. यह मंदिर सेशेल्स का एकमात्र तमिल हिंदू मंदिर है और वहां बसे भारतीय समुदाय की लंबे समय से चली आ रही धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है. भगवान गणेश को समर्पित यह मंदिर अपनी द्रविड़ शैली की वास्तुकला के लिए भी जाना जाता है.

प्रधानमंत्री के मंदिर दौरे का वीडियो डीडी न्यूज ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा किया है. वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए दिखाई देते हैं. मंदिर के पुजारी ने वैदिक परंपरा के अनुसार उनसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया.

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Video: पूजा सामग्री के साथ पहुंचे प्रधानमंत्री

वीडियो में प्रधानमंत्री मंदिर में प्रवेश करने के बाद भगवान गणेश के समक्ष नतमस्तक होते नजर आते हैं. उनके हाथ में पूजा सामग्री से भरी एक टोकरी भी दिखाई देती है. पूजा के दौरान पुजारी मंत्रोच्चार करते हुए विधि-विधान से अनुष्ठान कराते हैं.

आरती के बाद किया श्रद्धापूर्वक प्रणाम

अनुष्ठान पूरा होने के बाद पुजारी ने आरती की और प्रधानमंत्री को आरती दी. इसके बाद प्रधानमंत्री ने भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने झुककर श्रद्धाभाव से प्रणाम किया. डीडी न्यूज की ओर से साझा किए गए वीडियो में मंदिर दर्शन और पूजा के ये सभी दृश्य देखे जा सकते हैं.

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