Bhagalpur News : सबौर थाना क्षेत्र के लैलक रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ जवान धर्मेंद्र कुमार की हत्या के मामले में जांच जारी है, लेकिन घटना के कई दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सफलता नहीं लगी है. मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है. साथ ही आसपास के गांवों के कई लोगों से पूछताछ भी की गई है.
व्हाट्सएप पर दी थी अंतिम खैरियत रिपोर्ट
जांच के दौरान सामने आया है कि 26 मई की रात करीब 1:05 बजे धर्मेंद्र कुमार ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अपनी अंतिम खैरियत रिपोर्ट भेजी थी. इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका. अगले दिन जब उनकी नियमित रिपोर्ट नहीं मिली तो विभागीय स्तर पर खोजबीन शुरू की गई. इसी बीच 27 मई को लैलक स्टेशन से कुछ दूरी पर शंकरपुर पुल के पास एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान बाद में धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई.
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मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
सूत्रों के अनुसार जवान के मोबाइल की अंतिम लोकेशन रेलवे लाइन और मुख्य सड़क के बीच स्थित एक बस्ती के आसपास मिली है. पुलिस इसी क्षेत्र को जांच का महत्वपूर्ण केंद्र मानकर छानबीन कर रही है. कॉल रिकॉर्ड की जांच में यह भी पता चला है कि घटना से पहले धर्मेंद्र ने अपने परिवार से बातचीत की थी. इसके अलावा कुछ संदिग्ध नंबरों से संपर्क होने की बात भी सामने आई है. पुलिस इन सभी पहलुओं को खंगाल रही है.
शराब तस्करों की भूमिका की जांच
जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि घटना का संबंध रेलवे मार्ग से होने वाली अवैध गतिविधियों से हो सकता है. बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में रेलवे क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ अभियान तेज किया गया था. ऐसे में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं किसी आपराधिक गिरोह ने जवान को निशाना तो नहीं बनाया. इस संबंध में कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ किए जाने की भी चर्चा है.
शव मिलने की परिस्थितियों ने बढ़ाए सवाल
घटना के बाद कई ऐसे सवाल सामने आए हैं, जिनका जवाब अभी तक नहीं मिल सका है. जवान के निजी सामान, मोबाइल फोन और अन्य वस्तुओं का अब तक पता नहीं चल पाया है. शव मिलने की परिस्थितियों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी बिंदुओं पर जांच जारी है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
धर्मेंद्र कुमार के परिजनों ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्र में सीमित संसाधनों के साथ जवान की तैनाती चिंता का विषय है. परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद भी समय रहते पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई.
जल्द खुलासे का दावा
सबौर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गई हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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