भागलपुर : दक्षिणी शहर और बरारी इलाके में बिजली संकट लगातार दूसरे दिन भी बरकरार रहा. करीब 34 घंटे गुजर जाने के बाद भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है. हालात से निपटने के लिए भागलपुर बिजली विभाग ने मुंगेर से तकनीकी सहायता मांगी है. विभाग का कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने का काम जारी है, लेकिन कई चुनौतियों के कारण बहाली में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है.
भागलपुर शहरी क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि लाइनमैनों की कमी के कारण मरम्मत और रिस्टोरेशन कार्य प्रभावित हो रहा है. इसी बीच मंगलवार देर रात आए आंधी-तूफान ने मुश्किलें और बढ़ा दीं. जिस लाइन में पहले से खराबी थी, वह दोबारा मौसम की मार से क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे बहाली की प्रक्रिया और जटिल हो गई है.
उन्होंने माना कि संबंधित क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर का मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है. वहीं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. उनके अनुसार सुपरिटेंडेंट इंजीनियर मंगलवार रात करीब ढाई बजे तक अलीगंज विद्युत उपकेंद्र में मौजूद रहकर मरम्मत कार्य की प्रगति पर नजर बनाए हुए थे.
दूसरी ओर, लंबे समय से बिजली गुल रहने के कारण दक्षिणी शहर और बरारी क्षेत्र की दो लाख से अधिक आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. घरों में अंधेरा पसरा है और अधिकांश इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं. बिजली नहीं रहने से जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिसके कारण लोगों को पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है. कई परिवारों में पानी के अभाव में भोजन बनाने तक में दिक्कतें आ रही हैं.
नाथनगर में दोबारा आंधी का असर बिजली ठप
मंगलवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान का असर नाथनगर और उसके आसपास के इलाकों में भी देखने को मिला. 33 हजार वोल्ट की लाइन में ब्रेकडाउन होने से वहां की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई. विभाग की टीम खराबी दूर करने में जुटी हुई है.
बढ़ी जेनरेटर की मांग
बिजली संकट लंबा खिंचने के साथ ही लोग वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश में जुट गए हैं. कई सक्षम परिवारों ने किराये पर जेनरेटर लेना शुरू कर दिया है, ताकि जरूरी कामकाज और पानी की व्यवस्था बनाए रखी जा सके. लगातार बढ़ती मांग के कारण जेनरेटर उपलब्ध कराने वालों के पास भी पूछताछ बढ़ गई है.
लगातार दूसरे दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों ने विभाग से जल्द से जल्द व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है, ताकि बिजली और पानी के संकट से राहत मिल सके.
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