ATM Booth Fraud Arrested: भोपाल में एसबीआई के 22 एटीएम बूथों से करीब 20 लाख रुपये की हाईटेक ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है. भोपाल के शाहपुरा थाना पुलिस ने सदर थाना पुलिस के सहयोग से भगवानपुर स्थित किराये के मकान में छापेमारी कर आरोपित अभिषेक कुमार को दबोच लिया. वह कैश लोडिंग एजेंसी में सीनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था. पुलिस के अनुसार, वह पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था. मामले में अब तक सात आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
भगवानपुर में किराये के मकान पर हुई छापेमारी
भोपाल पुलिस को पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान अभिषेक कुमार के मुजफ्फरपुर में छिपे होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद शाहपुरा थाना की टीम ने सदर थाना पुलिस के सहयोग से भगवानपुर स्थित किराये के मकान पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपित मूल रूप से छपरा जिले के खलपुरा गांव का रहने वाला है.
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इंजीनियर ने तैयार किया था ठगी का गिरोह
जांच में सामने आया है कि अभिषेक ने छपरा और गया के युवकों को जोड़कर एक संगठित गिरोह तैयार किया था. गिरोह में इंजीनियरिंग के दो छात्र भी शामिल थे. पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद सागीर, साहिल अली, प्रिंस गुप्ता, सोनू उर्फ विपुल और साकेत खेतान को भी गिरफ्तार किया है. इनके पास से 50 हजार रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त कार जब्त की गई है.
डोरीगंज में चलता था ट्रेनिंग सेंटर
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि अभिषेक ने छपरा के डोरीगंज इलाके में प्रशिक्षण का ठिकाना बना रखा था. यहां नए सदस्यों को एटीएम मशीन से छेड़छाड़ करने, मास्टर चाबी से शटर खोलने और तकनीकी तरीके से नकदी निकालने का प्रशिक्षण दिया जाता था. पुलिस के अनुसार, गिरोह मशीन से रुपये निकालने के बाद बैंक के सर्वर पर ट्रांजेक्शन फेल दिखाने की तकनीक का इस्तेमाल करता था.
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सुनसान एटीएम को बनाते थे निशाना
पुलिस के मुताबिक गिरोह ऐसे एटीएम बूथों को चुनता था, जहां लोगों की आवाजाही कम रहती थी. आरोपित कैश डिस्पेंसर में तकनीकी छेड़छाड़ कर ग्राहकों के रुपये मशीन में फंसा देते थे. इसके बाद ग्राहक से कहा जाता था कि कुछ देर में राशि उसके खाते में वापस आ जाएगी. ग्राहक के जाते ही आरोपित मशीन खोलकर फंसी हुई नकदी निकाल लेते थे.
जांच में यह भी सामने आया है कि कई एटीएम बूथों पर ग्राहक सेवा केंद्र के नंबर की जगह गिरोह के सदस्य अपना मोबाइल नंबर लिख देते थे. शिकायत के लिए फोन करने वाले लोगों को भी झांसे में लेकर ठगी की जाती थी.
ATM Booth Fraud Arrested: मुजफ्फरपुर की घटनाओं से भी जुड़ रहे तार
भोपाल पुलिस के अनुसार, मो. सागीर की निशानदेही पर ही मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर अभिषेक को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में यह भी पता चला कि अभिषेक और गया निवासी सोनू उर्फ विपुल को ठगी की रकम का 10-10 प्रतिशत हिस्सा मिलता था, जबकि बाकी रकम गिरोह के अन्य सदस्यों में बांट दी जाती थी.
अब पुलिस मुजफ्फरपुर के सदर, अहियापुर और मिठनपुरा थाना क्षेत्रों में हाल के दिनों में हुई करीब 20 एटीएम फ्रॉड की घटनाओं के संबंध में भी आरोपित से पूछताछ कर रही है. सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और अन्य वारदातों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
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