Mayaganj Hospital : पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल यानी मायागंज अस्पताल की इलाज व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है. नाथनगर के घोसीटोला निवासी दिलीप मंडल को बंदर ने काटकर घायल कर दिया था. परिजन इलाज के लिए उन्हें मायागंज अस्पताल लेकर पहुंचे थे.
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद घायल मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता देने के बजाय उन्हें और मरीज के साथ आए लोगों को एक अंधेरे कमरे में भेज दिया गया. इस दौरान मरीज के पैर से खून निकलता रहा और परिजन खुद ही खून साफ करते नजर आए.
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Mayaganj Hospital : स्वास्थ्य कर्मियों से मदद की गुहार लगाने का आरोप
परिजनों के अनुसार, मरीज की हालत को देखते हुए उन्होंने ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से कई बार मदद की गुहार लगाई. आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें तत्काल सहायता नहीं मिली. मरीज के पैर से लगातार खून निकल रहा था, लेकिन परिजनों को ही उसकी सफाई करनी पड़ी.
परिजनों ने जब स्वास्थ्य कर्मी से पूछा कि उन्हें अंधेरे कमरे में क्यों भेजा जा रहा है, तो कथित तौर पर जवाब मिला कि अभी तो अंधेरे कमरे में भेज रहे हैं, ज्यादा बहस करने पर बाहर भेज देंगे.
वीडियो में खून साफ करते दिखे परिजन
इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में घायल मरीज के पैर से खून निकलता दिखाई दे रहा है. वहीं, मरीज के परिजन खुद ही उसके पैर से निकल रहे खून को साफ करते नजर आ रहे हैं.
मरीज के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे परिजनों को इस तरह खुद ही घायल के पैर से खून साफ करना पड़ा, जिससे मायागंज अस्पताल की आपात चिकित्सा व्यवस्था और मरीजों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
घटना सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि घायल मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता क्यों नहीं मिली और उसे अंधेरे कमरे में क्यों भेजा गया. मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है. अब देखना होगा कि मायागंज अस्पताल प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कराता है या नहीं और जिम्मेदार कर्मियों पर क्या कार्रवाई की जाती है.



