Bihar Student Credit Card: 19 अगस्त 2026 को उच्च शिक्षा विभाग ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव करते हुए वित्त निगम से मिलने वाले लोन की सीमा 2 लाख रुपये तय कर दी थी. साथ ही 2 लाख से अधिक राशि की जरूरत होने पर छात्रों को पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल के जरिए कमर्शियल बैंक से लोन लेने की व्यवस्था बताई गई थी.
लेकिन 29 अगस्त को विभाग ने नया आदेश जारी कर 19 अगस्त की अधिसूचना और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया. इसके साथ ही पुरानी व्यवस्था दोबारा लागू हो गई.
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अब क्या मिलेगा छात्रों को?
नए आदेश के बाद योजना के तहत मिलने वाली मुख्य सुविधा फिर से बहाल हो गई है.
- बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से 4 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा.
- इस राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा.
- छात्रों को अतिरिक्त रकम के लिए अलग बैंक लोन लेने की मजबूरी नहीं रहेगी.
यानी उच्च शिक्षा के लिए बड़ी फीस वाले कोर्स में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को पहले जैसी आर्थिक सहायता मिलती रहेगी.
2 लाख की सीमा से क्यों बढ़ी थी चिंता?
लोन सीमा घटने के बाद सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों पर पड़ने की आशंका जताई गई थी. कई पेशेवर और तकनीकी पाठ्यक्रमों की फीस 2 लाख रुपये से अधिक होती है. ऐसे में बाकी रकम जुटाने के लिए छात्रों को कमर्शियल बैंक का सहारा लेना पड़ता, जहां शिक्षा लोन पर ब्याज भी देना पड़ सकता था.
इसी वजह से इस बदलाव को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच व्यापक चिंता देखी गई थी.
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विपक्ष ने भी बनाया था मुद्दा
लोन सीमा घटाने के फैसले के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि आर्थिक दबाव की वजह से छात्रों के हितों वाली योजना कमजोर की जा रही है और इससे शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने के कुछ ही दिनों बाद सरकार ने अपना फैसला पलट दिया.
बैंक लोन और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में अंतर
| सुविधा | स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड | कमर्शियल बैंक लोन |
|---|
| अधिकतम राशि | 4 लाख रुपये | आवश्यकता के अनुसार |
| ब्याज | ब्याज मुक्त | करीब 7% तक |
| माध्यम | बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम | बैंक / पीएम विद्यालक्ष्मी |
सरकार पहले कह रही थी कि 2 लाख रुपये तक वित्त निगम और उससे अधिक राशि बैंक के जरिए मिलेगी. अब 4 लाख रुपये तक की ब्याज मुक्त सुविधा फिर से वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध रहेगी.
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