Gaya Ji News: गया जंक्शन से राजगीर की ओर जा रही बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस गुरुवार देर रात एक संभावित बड़े रेल हादसे से सुरक्षित बच गई. रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध तरीके से रखी गई लोहे की प्लेट को समय रहते देख लेने के कारण ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया. चालक और गार्ड की सतर्कता से सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई. घटना के बाद कुछ देर के लिए यात्रियों में घबराहट का माहौल बना, लेकिन रेलवे और आरपीएफ की कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य हो गई.
गया जंक्शन से रवाना होने के कुछ देर बाद दिखी संदिग्ध वस्तु
मिली जानकारी के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस रात करीब 1:05 बजे गया जंक्शन से राजगीर के लिए रवाना हुई थी. यात्रा के दौरान चालक की नजर रेलवे लाइन पर रखी लोहे की एक प्लेट पर पड़ी. खतरे का अंदेशा होते ही उन्होंने तत्काल ट्रेन की रफ्तार नियंत्रित की और अंतिम रोक सिग्नल के पास सुरक्षित ढंग से ट्रेन रोक दी. इस त्वरित निर्णय से किसी भी संभावित दुर्घटना की आशंका टल गई.
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चालक और गार्ड ने तत्काल अधिकारियों को दी सूचना
घटना के बाद ट्रेन चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार ने सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए तुरंत स्टेशन मास्टर, रेलवे कंट्रोल और अन्य संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. दोनों कर्मचारियों ने स्थिति का तेजी से आकलन किया और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई शुरू कराई.
आरपीएफ और रेलवे टीम ने मौके पर संभाली स्थिति
सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची. ट्रैक का बारीकी से निरीक्षण किया गया और लाइन पर रखी गई लोहे की प्लेट को हटाया गया. इसके बाद अधिकारियों ने पूरी रेल लाइन की जांच कर यह सुनिश्चित किया कि आगे परिचालन में कोई खतरा नहीं है.
करीब 10 मिनट बाद फिर शुरू हुई ट्रेन की यात्रा
सुरक्षा जांच पूरी होने और ट्रैक को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद लगभग 10 मिनट के भीतर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस को आगे रवाना कर दिया गया. इस दौरान यात्रियों को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया, जिससे उनके बीच फैली चिंता धीरे-धीरे समाप्त हो गई.
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अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में मची हलचल
रात के समय ट्रेन के अचानक रुक जाने और ट्रैक पर संदिग्ध वस्तु मिलने की जानकारी फैलते ही कई यात्री अपने डिब्बों से बाहर निकल आए. हालांकि रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ ने सभी से शांत रहने की अपील की तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी. अधिकारियों के आश्वासन के बाद यात्री दोबारा अपनी सीटों पर लौट गए.
लोहे की प्लेट ट्रैक पर कैसे पहुंची, जांच शुरू
रेलवे प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाया जा रहा है कि रेलवे लाइन पर लोहे की प्लेट किसने और किस उद्देश्य से रखी. आरपीएफ और संबंधित विभाग आसपास के क्षेत्र में जांच-पड़ताल कर रहे हैं. यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.
रेलवे कर्मचारियों की सूझबूझ की हो रही सराहना
इस पूरे घटनाक्रम में चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार की तत्परता की व्यापक सराहना की जा रही है. उनकी सतर्कता के कारण संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया और ट्रेन में सफर कर रहे सभी यात्री सुरक्षित रहे. रेलवे अधिकारियों ने भी दोनों कर्मचारियों की जिम्मेदारी निभाने के तरीके की प्रशंसा की है. यात्रियों ने भी चालक और गार्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समय पर की गई कार्रवाई ने सभी की जान बचा ली.

