Gopalganj News : अवैध शराब बरामदगी से जुड़े एक मामले में गोपालगंज की उत्पाद अदालत ने चार साल बाद अपना फैसला सुनाया है. अदालत ने चैनपुर गांव के एक व्यक्ति को दोषी मानते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा दी है. इसके अलावा उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. निर्धारित राशि जमा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त तीन माह जेल में बिताने होंगे.
2022 की कार्रवाई से जुड़ा है मामला
यह मामला अक्टूबर 2022 में हथुआ थाना क्षेत्र में हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है. उस समय पुलिस टीम ने चैनपुर गांव में छापेमारी की थी. कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने का दावा किया गया था. मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था.
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आरोप पत्र दाखिल होने के बाद शुरू हुई सुनवाई
पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत पहुंचा. आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद नियमित रूप से सुनवाई चलती रही. इस दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी और जांच से जुड़े साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए अपनी दलीलें रखीं.
दोनों पक्षों की बहस के बाद सुरक्षित रखा गया था फैसला
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था. बाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह विशेष न्यायाधीश उत्पाद धीरज कुमार मिश्र की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध माना और सजा का आदेश सुनाया.
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सजा सुनते ही न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
अदालत का फैसला आने के बाद दोषी को तत्काल न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया. इसके बाद उसे गोपालगंज मंडल कारा भेज दिया गया. न्यायालय ने आदेश में कहा कि जुर्माने की राशि जमा नहीं होने पर निर्धारित अतिरिक्त सजा भी लागू होगी.
अवैध शराब कारोबार पर सख्त संदेश
उत्पाद मामलों में आए इस फैसले को शराब तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि इससे ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के बीच कानून का संदेश और मजबूत होगा.
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