Prashant Kishor Oath: बांकीपुर से जीत के बाद प्रशांत किशोर अब आधिकारिक तौर पर विधायक बन गए हैं. सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने अपने चैंबर में उन्हें विधायक पद की शपथ दिलाई. इसके साथ ही वह सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने और विधायक के तौर पर काम शुरू करने के लिए औपचारिक रूप से तैयार हो गए हैं.
जीत के बाद अब वादों की बारी
बांकीपुर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद प्रशांत किशोर ने क्षेत्र में तीन महीने के भीतर बदलाव दिखाने की बात कही थी. उन्होंने रोजगार, शिक्षा, राशन और बुजुर्गों की पेंशन को लेकर चार ऐलान किए थे.
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अब विधायक पद की शपथ लेने के बाद इन ऐलानों को लेकर उनकी भूमिका पर नजर रहेगी.
Prashant Kishor Oath: 10 हजार युवाओं को नौकरी का ऐलान
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के 10 हजार युवाओं को प्राइवेट नौकरी दिलाने की कोशिश करने की बात कही थी. इसके अलावा बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने की व्यवस्था करने का भी ऐलान किया था.
उन्होंने कहा था कि अगले 2 से 3 महीने में बांकीपुर विधानसभा में स्पष्ट बदलाव दिखाई देने लगेगा.
राशन और बुजुर्गों की पेंशन पर भी घोषणा
प्रशांत किशोर ने राशन कार्ड की व्यवस्था को तीन महीने में सुधारने की कोशिश करने की बात कही थी. वहीं, 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 1100 रुपये पेंशन दिलाने का ऐलान भी किया था.
बांकीपुर में उनकी जीत के बाद अब ये चारों घोषणाएं उनके विधायक कार्यकाल से सीधे जुड़ गई हैं.
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19,246 वोटों से मिली थी जीत
बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था और 3 अगस्त को परिणाम घोषित किया गया था. प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 19,246 वोटों से हराया था.
आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता की जमानत जब्त हो गई थी. सोमवार को प्रशांत किशोर जन सुराज के समर्थकों के साथ विधानसभा पहुंचे और विधायक पद की शपथ ली.
पुराने दिग्गजों का जिक्र कर बताया गौरव का पल
शपथ के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि इस सदन के सदस्य भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर, अनुग्रह नारायण सिंह, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद, रामविलास पासवान और सुशील मोदी जैसे नेता रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसे सदन का सदस्य होने की शपथ लेना उनके लिए गौरव की बात है और यह उनके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने समाज की बेहतरी के लिए काम करने की बात कही.
सत्र नहीं था, इसलिए स्पीकर के चैंबर में ली शपथ
फिलहाल बिहार विधानसभा का कोई सत्र नहीं चल रहा है. मॉनसून सत्र भी समाप्त हो चुका है और शीतकालीन सत्र शुरू होने में अभी समय है.
इसी वजह से प्रशांत किशोर को विधानसभा अध्यक्ष के चैंबर में शपथ दिलाई गई. सामान्य तौर पर नए विधायक को विधानसभा सत्र के दौरान शपथ दिलाई जाती है.
विधायक बनने के साथ आगे की तैयारी भी शुरू
बांकीपुर की जीत के बाद प्रशांत किशोर का फोकस सिर्फ विधानसभा तक सीमित नहीं है. उन्होंने विधान परिषद की शिक्षक-स्नातक सीटों और पंचायत चुनावों को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है.
इसके साथ ही वह फिर बिहार की यात्रा शुरू करने वाले हैं. यानी बांकीपुर से विधायक बनने के साथ प्रशांत किशोर ने अपनी आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी काम शुरू कर दिया है.
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