Ranchi News : रांची से गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां सर्कुलर रोड स्थित मशहूर ‘कावेरी रेस्टोरेंट एंड स्वीट्स’ से जुड़े युवा कारोबारी अभिमन्यु भाटिया उर्फ लव भाटिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या की है. घटना की खबर फैलते ही पूरे शहर के व्यापारिक समुदाय में शोक और हैरानी का माहौल बन गया.
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और फिलहाल मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की गई है. परिजनों और करीबी लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सके.
झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे, डॉक्टरों की कोशिशें रहीं नाकाम
अभिमन्यु भाटिया को गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे अचेत अवस्था में लालपुर स्थित ऑर्किड अस्पताल लाया गया था. परिजन उन्हें तुरंत आपातकालीन वार्ड में लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए तत्काल इलाज शुरू किया.
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, आईसीयू में करीब 40 मिनट तक लगातार रिवाइव करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. अंततः डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
जैसे ही यह खबर परिजनों तक पहुंची, अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया. परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि आसपास मौजूद लोग भी इस अचानक हुई घटना से स्तब्ध रह गए.
पुलिस और FSL टीम ने शुरू की जांच, रेस्टोरेंट से जुटाए गए साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलते ही लालपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. टीम ने सर्कुलर रोड स्थित कावेरी रेस्टोरेंट एंड स्वीट्स परिसर का निरीक्षण किया, जहां से कई अहम साक्ष्य एकत्र किए गए हैं.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स भी जांच के दायरे में हैं. साथ ही, घटना के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है.
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण छिपा हुआ है. पारिवारिक तनाव, मानसिक दबाव और व्यावसायिक कारणों सहित सभी एंगल पर जांच चल रही है.
2009 का हाई-प्रोफाइल अपहरण मामला फिर आया चर्चा में
अभिमन्यु भाटिया का नाम पहले भी रांची में सुर्खियों में रहा था. वर्ष 2009 में उनका एक हाई-प्रोफाइल अपहरण हुआ था, जब वे रात में अपनी दुकान ‘पंजाब स्वीट्स’ बंद कर घर लौट रहे थे. उसी दौरान अपराधियों ने उन्हें हथियार के बल पर अगवा कर लिया था.
घटना के बाद उनके पिता आशीष भाटिया ने लोअर बाजार थाने में मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने तत्कालीन एसएसपी प्रवीण सिंह के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया था.
उस खौफनाक घटना के बाद उन्होंने कारोबार को दोबारा संभाला और धीरे-धीरे शहर के प्रमुख व्यवसायियों में अपनी पहचान बनाई. ऐसे में उनकी अचानक मौत ने एक बार फिर पूरे शहर को झकझोर दिया है.
इसे भी पढ़ें-रांची में 27 नक्सलियों ने छोड़ी बंदूक, गुमला को नक्सलमुक्त होने का दावा
इसे भी पढ़ें-ईंधन संकट के बीच झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सिविल कोर्टों में होगी वर्चुअल सुनवाई
इसे भी पढ़ें-झारखंड में बालू कारोबार पर सख्ती, बिना चालान पकड़े गये तो देना होगा 5 लाख का जुर्माना
इसे भी पढ़ें-झारखंड में बढ़ेगी ट्रैफिक मॉनिटरिंग, परिवहन विभाग ने MVI के 21 नए पदों को दी मंजूरी
इसे भी पढ़ें-झारखंड में मलेरिया का विस्फोट, 42 हजार पार केस; 5 जिले बने हॉटस्पॉट

