West Bengal Child Marriage : पश्चिम बंगाल में बाल विवाह रोकने के लिए सरकार की सख्ती के बीच अब मंदिर स्तर पर भी उम्र की जांच को अनिवार्य करने की पहल शुरू हो गयी है. हुगली जिले के चुंचुड़ा स्थित सरत्सरणी के एक काली मंदिर में साफ बैनर लगाया गया है कि उम्र के प्रमाण पत्र के बिना विवाह नहीं कराया जायेगा. मंदिर के पुरोहित ने भी स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की शादी किसी भी स्थिति में नहीं करायी जायेगी. इसके लिए आधार कार्ड या उम्र का प्रमाण दिखाना जरूरी होगा.
यह कदम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने बाल विवाह को हर हाल में रोकने की बात कही है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि कम उम्र में शादी कराने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी और ऐसे लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित किया जायेगा.
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मंदिरों और काजियों के जरिए होने वाली शादियों पर नजर
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि देश में बाल विवाह रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 लागू है. कानून के तहत पुरुषों के लिए विवाह की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष तय है. इसके बावजूद आर्थिक लालच में कुछ मंदिरों और काजियों के माध्यम से अवैध रूप से कम उम्र में विवाह कराये जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अब ऐसी व्यवस्था को रोकने के लिए सख्ती की जायेगी. बाल विवाह कराने में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी.
शादी से पहले उम्र प्रमाण पत्र दिखाना होगा
हुगली के चुंचुड़ा में सामने आया मंदिर का कदम इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरत्सरणी स्थित काली मंदिर में लगाए गये बैनर के जरिए लोगों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि उम्र के प्रमाण के बिना विवाह नहीं होगा.
मंदिर के पुरोहित ने भी कहा है कि यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है तो किसी भी परिस्थिति में विवाह नहीं कराया जायेगा. विवाह के लिए आधार कार्ड या उम्र का प्रमाण दिखाना अनिवार्य होगा.
कम उम्र में शादी पर सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कम उम्र में शादी करने वालों को सरकारी योजनाओं के लाभ से पूरी तरह वंचित कर दिया जायेगा. इसके साथ ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी.
उन्होंने कहा कि जिस बंगाल ने कभी देश को राह दिखायी थी, उसी राज्य में नाबालिग बेटियों की शादी का बढ़ता चलन गंभीर मामला है. सरकार बाल विवाह को हर हाल में रोकने के लिए कदम उठायेगी.
मंदिर समिति भी चला रही जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मंदिर समिति भी लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करने में जुट गयी है. इसी क्रम में काली मंदिर में उम्र प्रमाण पत्र के बिना विवाह नहीं कराने का बैनर लगाया गया है. इससे विवाह कराने से पहले लड़की की उम्र की जांच को लेकर स्पष्ट नियम सामने रखा गया है.
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