Bhagalpur News : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के करीब 125 शिक्षकों की लंबित प्रोन्नति प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है. राजभवन की ओर से विश्वविद्यालयों को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रोन्नति संबंधी मामलों का निष्पादन करने का निर्देश जारी किए जाने के बाद शिक्षकों में उम्मीद बढ़ गई है. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर 15 जून से 15 सितंबर के बीच लंबित प्रोन्नति मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने को कहा है.
पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रोन्नति से जुड़े मामलों को लेकर शिक्षकों की ओर से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं. इसी को देखते हुए राज्य के 14 विश्वविद्यालयों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. विश्वविद्यालयी हलकों में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार प्रोन्नति प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्पष्ट अवधि निर्धारित की गई है.
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लंबे इंतजार के बाद जगी उम्मीद
टीएमबीयू के शिक्षकों को कई वर्षों से प्रोन्नति का इंतजार है. विश्वविद्यालय में कुलपति बदलने के साथ ही शिक्षकों द्वारा प्रोन्नति का मुद्दा लगातार उठाया जाता रहा है, लेकिन प्रक्रिया अंतिम मुकाम तक नहीं पहुंच सकी. वर्तमान में विश्वविद्यालय के लगभग 125 शिक्षक विभिन्न स्तरों पर प्रोन्नति के पात्र हैं.
इनमें बड़ी संख्या उन शिक्षकों की है, जिन्हें प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति मिलनी है. इसके अलावा कुछ शिक्षकों के सीनियर प्रोफेसर पद पर पदोन्नत होने के मामले भी लंबित हैं. कई ऐसे सहायक प्राध्यापक भी हैं, जिन्हें अब तक अगली प्रोन्नति नहीं मिल सकी है.
पहले से चल रही थी तैयारी
विश्वविद्यालय में प्रोन्नति को लेकर कार्यवाही नई नहीं है. पूर्व कुलपति प्रो. जवाहर लाल के कार्यकाल में ही इस दिशा में प्रक्रिया शुरू की गई थी. बाद में प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा के कार्यकाल में इसमें कुछ प्रगति भी हुई. प्रोन्नति से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और मूल्यांकन रिपोर्ट विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्राप्त हो चुके हैं.
हालांकि, स्क्रीनिंग कमेटी के गठन सहित कुछ प्रशासनिक प्रक्रियाएं लंबित रहने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पाया. अब राजभवन की ओर से तय समयसीमा मिलने के बाद प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है.
शिक्षक संगठनों ने किया स्वागत
शिक्षक संगठनों ने राजभवन के निर्देश का स्वागत किया है. यूडीटीए के अध्यक्ष सह सिंडिकेट सदस्य डॉ. केके मंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक लंबे समय से प्रोन्नति की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में कई बार आवाज उठाई गई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्धारित समयसीमा के भीतर लंबित मामलों का समाधान होगा.
वहीं भूस्टा के कार्यकारी महासचिव प्रो. जगधर मंडल ने कहा कि प्रोन्नति शिक्षकों का अधिकार है. लंबे समय तक पदोन्नति नहीं मिलने से कई शिक्षक प्रशासनिक और शैक्षणिक पदों के लिए आवेदन करने से भी वंचित रह जाते हैं. ऐसे में समयबद्ध प्रोन्नति प्रक्रिया विश्वविद्यालयों के लिए सकारात्मक कदम साबित होगी.
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