Dhanbad News: देश में कोयला आधारित औद्योगिक परियोजनाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से गुरुवार को हैदराबाद में एक विशेष रोड शो आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार, कोयला क्षेत्र से जुड़े संस्थानों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लेकर कोयला गैसीकरण की संभावनाओं पर विचार साझा किए. आयोजन का मुख्य उद्देश्य सतही कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं में निवेश और भागीदारी को प्रोत्साहित करना था.
ऊर्जा जरूरतों को लेकर रखे गए विचार
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उपलब्ध कोयला भंडार का उपयोग केवल पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कोयले से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिससे ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा.
आयात निर्भरता घटाने पर जोर
चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि कोयला गैसीकरण से देश की ईंधन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है. इससे बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना जताई गई. रोजगार सृजन और निवेश बढ़ाने के संदर्भ में भी इस तकनीक को महत्वपूर्ण माना गया.
केंद्रीय मंत्री ने गिनाए फायदे
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि कोयला गैसीकरण प्रोत्साहन योजना ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि इस पहल से घरेलू संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और नए औद्योगिक अवसर विकसित करने में सहायता मिलेगी.
विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा
केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि कोयला क्षेत्र लगातार राष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ रहा है. उन्होंने भरोसा जताया कि इस क्षेत्र में चल रही पहलें आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करेंगी.
इस अवसर पर कोयला सचिव विक्रम देव दत्त समेत मंत्रालय और उद्योग क्षेत्र से जुड़े कई अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे.
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