Dhanbad News: धनबाद के कतरास क्षेत्र स्थित अंगारपथरा कोलियरी अंतर्गत कांटा पहाड़ी इलाके में भू-धंसान की गंभीर घटना सामने आई है. गुरुवार रात शुरू हुई जमीन धंसने की प्रक्रिया शुक्रवार को और तेज हो गई, जिससे सड़क और आसपास के कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं. स्थिति से घबराए ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है और वे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं.
रात में जमीन फटने की आवाज से मचा हड़कंप
स्थानीय लोगों के अनुसार गुरुवार रात अचानक तेज आवाज के साथ जमीन फटने लगी और सड़क पर दरारें उभर आईं. कुछ ही समय में आसपास के घरों की दीवारों और फर्श में भी दरारें दिखाई देने लगीं. शुक्रवार सुबह स्थिति और गंभीर हो गई, जिससे कई परिवारों ने रात जागकर बिताई और अपने सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे.
ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका पहले से ही डेंजर जोन घोषित है, लेकिन इसके बावजूद यहां खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
अवैध खनन पर ग्रामीणों का गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन हो रहा है, जिसकी वजह से जमीन कमजोर हो रही है. उनका कहना है कि कोल माफिया खुलेआम कोयला निकाल रहे हैं, जबकि प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन इस पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है.
एक महिला ने बताया कि पूरी रात बच्चे डर के मारे रोते रहे और लोग जागकर घरों की स्थिति देखते रहे. ग्रामीणों का आरोप है कि किसी भी अधिकारी ने तुरंत मदद नहीं पहुंचाई.
बीसीसीएल टीम मौके पर, विरोध का सामना
सूचना मिलने के बाद बीसीसीएल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें घेरकर विरोध जताया. लोगों ने साफ कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
घटना के करीब 18 घंटे बाद बीसीसीएल की टीम जेसीबी और हाईवा लेकर मौके पर पहुंची और दरारों की भराई का काम शुरू किया. इस दौरान सीआईएसएफ और पुलिस बल की मौजूदगी भी रही.
डेंजर जोन में पहले से चेतावनी
बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के अधिकारियों के अनुसार कांटा पहाड़ी इलाके को पहले ही सर्वे के आधार पर डेंजर जोन घोषित किया जा चुका है. अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए नोटिस भी दिया गया था, लेकिन ग्रामीण अब तक क्षेत्र खाली नहीं कर रहे हैं.
बीसीसीएल की ओर से सर्वे विभाग को प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें पुनर्वास की प्रक्रिया में शामिल किया जा सके.
लगभग 100 घर खतरे की जद में
स्थानीय जानकारी के अनुसार कांटा पहाड़ी इलाके में करीब 100 घर हैं, जहां लगभग 500 लोग रहते हैं. भू-धंसान से कई घरों की दीवारों और आंगन में गहरी दरारें पड़ गई हैं. प्रभावित परिवारों में राजेश पंडित, राजकुमार पासवान, गायत्री देवी, संगीत देवी समेत कई लोगों के घर शामिल हैं.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग को जाम करेंगे.
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