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टीएमबीयू में रजिस्ट्रार-नोडल परीक्षा नियंत्रक विवाद की जांच शुरू, 7 दिन में मांगी गयी रिपोर्ट

tmbu :टीएमबीयू में रजिस्ट्रार और परीक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हुए विवाद की जांच शुरू हो गयी है. लोकभवन के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है. समिति को सात कार्यदिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.

भागलपुर : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में रजिस्ट्रार और परीक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. मामले में लोकभवन के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है. समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.

प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सोशल साइंस की डीन प्रो. कुमारी सुदामा यादव को जांच समिति का संयोजक बनाया गया है. वहीं, प्रो. इकबाल अहमद और प्रो. पुर्णेंदु शेखर को सदस्य नामित किया गया है. समिति रजिस्ट्रार प्रो. रामाशीष पूर्वे के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच करेगी.

वायरल वीडियो के बाद पहुंचा मामला लोकभवन तक

विवाद की शुरुआत 12 मई को हुई थी, जब विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के प्रदर्शन के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय में बैठक आयोजित की गयी थी. बैठक में नोडल परीक्षा नियंत्रक समेत परीक्षा विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे. इसी दौरान रजिस्ट्रार और नोडल परीक्षा नियंत्रक के बीच तीखी बहस हो गयी थी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद मामला लोकभवन तक पहुंचा.

इसके बाद नोडल परीक्षा नियंत्रक डॉ. गौतम कुमार यादव, डॉ. बद्रीनाथ झा, डॉ. सरफराज अहमद और डॉ. मनोज कुमार दास ने संयुक्त रूप से शिकायत दर्ज कराते हुए रजिस्ट्रार के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाये. शिकायत में अमर्यादित भाषा के प्रयोग, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और अधिकारियों पर दबाव बनाने जैसे आरोप शामिल हैं.

वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ होगी पूरी जांच

विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति को निर्देश दिया है कि पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करायी जाए और सभी कार्यवाही का लिखित दस्तावेज भी तैयार किया जाए. समिति को शिकायतकर्ताओं और संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देते हुए आरोपों की विस्तृत पड़ताल करनी होगी. साथ ही अपनी अनुशंसाओं के साथ रिपोर्ट सात कार्यदिवस के भीतर कुलपति कार्यालय को सौंपनी होगी.

छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में हुआ था विवाद

शिकायत पत्र में परीक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि सीबीसीएस व्यवस्था के तहत 2023-27 सत्र के स्नातक विद्यार्थियों को प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के सभी विषयों में सफलता प्राप्त किये बिना पांचवें सेमेस्टर में प्रोन्नति नहीं दी जा रही थी. इसी कारण परीक्षा फॉर्म भरने पर रोक लगने से छात्रों में नाराजगी बढ़ी और 12 मई को विश्वविद्यालय में आंदोलन हुआ.

शिकायत के मुताबिक, आंदोलन के बाद हुई बैठक में रजिस्ट्रार ने परीक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया. आरोप है कि उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि छात्र किसी प्रकार की तोड़फोड़ या आगजनी करते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी. अब पूरे मामले की सच्चाई जांच समिति की रिपोर्ट के बाद सामने आयेगी.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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