Bihar Job News: बिहार के युवाओं के लिए कम निवेश में खुद का काम शुरू करने का अवसर सामने आया है. रेल डाक सेवा (आरएमएस) के मुजफ्फरपुर ‘यू’ मंडल ने डाक सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है. इस पहल के तहत इच्छुक लोग अपने इलाके में डाक विभाग की विभिन्न सेवाएं संचालित कर सकेंगे और इससे नियमित आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा.
दूरदराज इलाकों में बढ़ेगी डाक सेवाओं की पहुंच
विभाग के अनुसार, इस योजना का मकसद उन क्षेत्रों तक डाक सुविधाएं पहुंचाना है, जहां स्थायी डाकघर उपलब्ध नहीं हैं. इसके लागू होने से ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों के लोगों को जरूरी डाक सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी. स्थानीय स्तर पर ही कई सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.
युवाओं और छोटे कारोबारियों को मिलेगा लाभ
फ्रेंचाइजी लेने वाले लोग अपने गांव या कस्बे में डाक सेवाओं का संचालन कर सकेंगे. इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर आय के नए विकल्प तैयार होंगे. विभाग को उम्मीद है कि यह व्यवस्था खासकर रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए उपयोगी साबित होगी.
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फ्रेंचाइजी के तहत उपलब्ध सेवाएं
फ्रेंचाइजी संचालकों को कई डाक सेवाएं प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी.
- स्पीड पोस्ट की बुकिंग
- रजिस्टर्ड डाक की बुकिंग
- पार्सल बुकिंग सुविधा
- डाक टिकट एवं राजस्व टिकट की बिक्री
- डाक विभाग की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना
- आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कर सकते हैं. आवेदन प्राप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर उसकी जांच की जाएगी. आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों को फ्रेंचाइजी आवंटित की जाएगी.
आवेदन फॉर्म कहां मिलेगा?
फॉर्म और योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी कार्यदिवसों में प्रधान डाकघर परिसर स्थित अधीक्षक कार्यालय, RMS ‘U’ Division, मुजफ्फरपुर से संपर्क कर सकते हैं.
आवेदन के साथ लगेंगे ये दस्तावेज
आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे.
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- अन्य जरूरी प्रमाण-पत्र
- सुरक्षा निधि के रूप में जमा करने होंगे 10 हजार रुपये
फ्रेंचाइजी के लिए चयन होने के बाद आवेदक को 10 हजार रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी. यह जमा राशि किसान विकास पत्र (KVP) अथवा राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) के रूप में स्वीकार की जाएगी. विभाग के अनुसार यह व्यवस्था संचालन संबंधी जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए की गई है.
स्थानीय लोगों को भी होगी सुविधा
योजना शुरू होने के बाद आम नागरिकों, विद्यार्थियों और छोटे व्यापारियों को अपने ही क्षेत्र में डाक सेवाओं का लाभ मिल सकेगा. स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री और पार्सल जैसी सेवाओं के लिए उन्हें मुख्य डाकघर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
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