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Samrat Choudhary: बिहार में कम बारिश और सूखे जैसे हालात के बीच राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए. यह आपूर्ति विशेष रूप से कृषि फीडरों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सिंचाई प्रभावित न हो.
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कृषि फीडरों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
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किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट बिजली
बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार किसानों को सिंचाई के लिए मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करा रही है. इस पर सरकार करीब 93 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को आर्थिक राहत मिल सके.
राज्य में अब तक 2700 से अधिक कृषि फीडर स्थापित किए जा चुके हैं. इनका उद्देश्य खेतों तक नियमित बिजली पहुंचाकर सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाना और कृषि उत्पादन बढ़ाना है.
Samrat Choudhary : सौर ऊर्जा योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) के तहत कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने को कहा. इसके अलावा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया, ताकि किसानों और आम उपभोक्ताओं दोनों को इसका लाभ मिल सके.
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बैठक में बिहार के लिए ग्रीन हाइड्रोजन नीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई. सरकार का मानना है कि इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और निजी निवेश आकर्षित होगा.
एक करोड़ नए राशन कार्ड बनाने पर जोर
समीक्षा बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक करोड़ नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए.
उन्होंने सभी सरकारी अनाज गोदामों में बिजली सहित बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने और राशन कार्डधारकों का सटीक डिजिटल डेटाबेस तैयार करने को कहा, ताकि पात्र लाभुकों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से अनाज पहुंच सके.


